पांच दिनों से अपने परिवार से दूर कोरोना मरीजों के इलाज में लगा नर्सिंग स्टाफ, एक परिवार की तरह रह रहे सभी लोग

Corona virus : जयपुर-सवाई मानसिंह अस्पताल ( sms ) के आईसोलेशन वार्ड में कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे नर्सिंग स्टाफ के अधिकांश कर्मचारी पिछले पांच दिनों से अपने परिवार से दूर रहकर कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे है । ( Corona Warriors) बता दें करीब 15 कर्मचारियों का ये स्टाफ अपनी ड्यूटी के अनुसार समय होने पर आईसोलेशन वार्ड में ड्यूटी पर चले जाते है इसके बाद पास में बनी धर्मशाला में रुकते है ।

By: Kartik Sharma

Published: 27 Mar 2020, 04:59 PM IST

Corona virus : जयपुर-सवाई मानसिंह अस्पताल ( sms ) के आईसोलेशन वार्ड में कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे नर्सिंग स्टाफ के अधिकांश कर्मचारी पिछले चार दिनों से अपने परिवार से दूर रहकर कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे है । ( Corona Warriors) बता दें करीब 15 कर्मचारियों का ये स्टाफ अपनी ड्यूटी के अनुसार समय होने पर आईसोलेशन वार्ड में ड्यूटी पर चले जाते है इसके बाद पास में बनी धर्मशाला में रुकते है । कर्मचारियों ने बताया हम-सब यहां एक परिवार की तरह रह रहे है । हमें हमारे परिवार की याद तो आती है लेकिन उससे ज्यादा जरूरी ये है कि हम कोरोना मरीजों को ठीक कर हीं अपने घर जाए । आज हमे बहुत खुशी की देश में मची इस संकट की घड़ी में हम हमारा योगदान दे पा रहे है । उन्होंने बताया शुरुआत में जब हम इन मरीजों का इलाज कर रहे थे तो थोड़ा डर तो लग रहा था लेकिन जिस तरह से आज पूरा देश हमारे साथ खड़ा है उससे हमें एक नई ऊर्जा मिली।

खाने-पीने रहने की उचित व्यवस्था
कर्मचारियों ने बताया हमे यहां अपने घर की तरह रखा जा रहा है । सभी कर्मचारियों के लिए अलग-अलग कमरा अलोट किय गया है। हालांकी एक कमरे में दो-तीन बैड है ऐसे में जो कर्मचारी साथ रहना चाहते वो साथ में भी रह रहे है। कर्मचारियों ने बताया दिनभर में हमे दो बार नाश्ता और खाना दिया जाता है। अगर दिन में हमें किस और चिज की जरूरत पड़ता है तो वो भी उपलब्ध कराई जाती है।

24 घंटे नर्सिंग सेवा,सबसे मजबूत सिपाही
कोरोना महामारी के तहत इन सभी स्टाफ को 24 घंटे नर्सिंग सेवा देनी पड़ रही है। इसके लिए इन्हें सवाई मानसिंह चिकित्सालय परिसर में कल्याण धर्मशाला में रहने की व्यवस्था कर रखा गय हैं। अपने परिवार से दूर संक्रमण से लड़कर राजस्थान कोरोना मुक्त मिशन में लगने वाला नर्सिंग स्टाफ इस जंग का सबसे मजबूत सिपाही बन कर साबित हो रहा है।

किसी को मां की तो किसी को बच्चों की आई याद
24 घंटे नर्सिंग सेवा में जुटे नर्सिंग कर्मियों का कहना है उन्हें भी अपने परिवार के सदस्यों की याद सताने लगी है। किसी को अपनी मां को तो किसी को अपनी पत्नी की याद आने लगी है। एक नर्सिंगकर्मी ने बताया कि उनकी दो बेटियां है जिनसे फोन पर बात करने का समय भी नहीं मिल पा रहा है। दो दिन पहले बात हुई तो बेटियों ने पूछा था पापा कब आओगे। तो कहा था जल्दी ही। लेकिन यह जल्दी कब होगी पता नहीं।

Kartik Sharma Desk
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