Coronavirus : पशु-पक्षियों को कोरोना से बचाने की तैयारी

Coronavirus : अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित ब्रोन्क्स चिडिय़ाघर में एक बाघिन के कोरोना वायरस कोविड-19 की चपेट में आने के बाद देश में जानवरों तथा अन्य जीव-जंतुओं में इसे फैलने से रोकने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही चिडिय़ाघरों के सभी कर्मचारियों से बचाव एवं विसंक्रमण के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है।

By: hanuman galwa

Published: 06 Apr 2020, 06:10 PM IST

पशु-पक्षियों को कोरोना से बचाने की तैयारी
केंद्र ने राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों को दिए निर्देश

जयपुर। अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित ब्रोन्क्स चिडिय़ाघर में एक बाघिन के कोरोना वायरस कोविड-19 की चपेट में आने के बाद देश में जानवरों तथा अन्य जीव-जंतुओं में इसे फैलने से रोकने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही चिडिय़ाघरों के सभी कर्मचारियों से बचाव एवं विसंक्रमण के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है।
केंद्रीय चिडिय़ाघर प्राधिकरण, केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के अधीनस्थ वन्य जीव विभाग और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने अलग-अलग मशविरा पत्र जारी कर सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में चिडिय़ाघरों, राष्ट्रीय जीव उद्यानों, अभयारण्यों और बाघों के लिए संरक्षित वनों में निगरानी बढ़ाने और बचाव के उपाय अपनाने के निर्देश दिए हैं। बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने बाघों के निवास वाले सभी राज्यों के मुख्य वन्य जीव संरक्षकों से कोरोना वायरस के लक्षणों के लिए बाघों की चौकस निगरानी करने और उनके पोस्टमॉर्टम एवं जैविक नमूने एकत्र करते समय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप सावधानी बरतने को कहा है।
हाईअलर्ट पर चिडिय़ाघर
केंद्रीय चिडिय़ाघर प्राधिकरण ने अपने मशविरा पत्र में लिखा है कि देश को सभी चिडिय़ाघरों को हाईअलर्ट पर रहने की सलाह दी जाती है। सीसीटीवी की मदद से जानवरों पर चौबीसों घंटे नजर रखकर उनके असामान्य व्यवहार या लक्षणों की निगरानी की जानी चाहिए। जानवरों की देख-रेख करने वालों के लिए कहा गया है कि वे बिना कोरोना से निजी बचाव के साधनों के उनके बिलकुल नजदीक नहीं जाएंगे।
बीमार जानवरों से सचेत
केंद्र की ओर से भेजे गए दिशा-निर्देशों में कहा गया कि यदि कोई जानवर बीमार पड़ता है तो उसे बाकी जानवरों से अलग रखा जाएगा। जानवरों को खाना देते समय भी इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि उनके साथ कम से कम संपर्क हो।
कोरोना जांच
प्राधिकरण ने स्तनपायी जानवरों की सावधानीपूर्वक निगरानी करने और संदिग्ध कोरोना पीडि़त जानवरों के हर पखवाड़े उनके जैविक नमूने लेकर उनके लिए विशेष रूप से बने स्वास्थ्य संस्थानों में जांच के लिए भेजने का निर्देश दिया है। जानवरों के जैविक नमूने लेते समय बचाव के सभी उपाय किए जाने चाहिए।

hanuman galwa Desk
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