एसएमएस अस्पताल में यों कोरोना वायरस पीड़ित मरीजों को हो रहा बेहतर उपचार

कोरोना वायरस महामारी से पूरा प्रदेश एकजुट होकर लड़ रहा है। चिकित्सा विभाग जहां संक्रमित मरीजों की मॉनिटरिंग कर रहा है, वहीं सवाई मानसिंह अस्पताल में कई वॉरियर्स हैं, जो इस जंग में अपनी-अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

By: kamlesh

Published: 27 Mar 2020, 03:47 PM IST

जयपुर। कोरोना वायरस महामारी से पूरा प्रदेश एकजुट होकर लड़ रहा है। चिकित्सा विभाग जहां संक्रमित मरीजों की मॉनिटरिंग कर रहा है, वहीं सवाई मानसिंह अस्पताल में कई वॉरियर्स हैं, जो इस जंग में अपनी-अपनी भूमिका निभा रहे हैं। लैब टेक्निशियन लैब में बैठकर कोरोना संदिग्धों के सैम्पल को जांचने का काम हाई रिस्क पर कर रहे हैं, वहीं आइसोलेशन वार्ड में तैनात संविदाकर्मी और नर्सिंग स्टाफ मरीजों की सेवा में जुटा है।

ऐसे में अभी पूरे अस्पताल की व्यवस्थाओं को मैनेज करना किसी चुनौती से कम नहीं है। चिकित्सकों की एक टीम को अस्पताल की व्यवस्थाओं को बनाए रखने की जिम्मेदारी अलग से सौंपी हुई है। कोरोना वॉरियर्स का कहना है कि बस, आप लोग घर में रहो, हम आपके लिए बाहर हैं। राजस्थान पत्रिका ने ऐसे ही कोरोना वॉरियर्स से रूबरू होकर हालात का जायजा लिया।

डॉक्टर्स
ताकि अस्पताल में व्यवस्थाएं नहीं बिगड़े
चिकित्सकों की यह टीम कोरोना वायरस से लडऩे में अपना अहम योगदान निभा रही है। कोरोना की इस महामारी में जहां रोजाना कोरोना संदिग्ध मरीज अस्पताल में पहुंच रहे हैं, ऐसे में व्यवस्थाओं को बनाए रखना भी अपने आपमें बड़ा चैलेज हैं। इस चैलेंज को अस्पताल की विशेष टीम बखूबी निभा रही है। कई डॉक्टरों ने अस्पताल को ही घर बना लिया है। व्यवस्थाएं नहीं बिगड़े। कहां नर्सिंग स्टाफ की जरूरत है और दवाइयां हैं या नहीं।
मरीज और परिजनों को खाना पहुंचा या नहीं। बैड साफ है या नहीं, मुख्य भवन में वार्डों को खाली करवाने से लेकर मरीजों की जांच तक सब काम इस स्पेशल टीम ने बखूबी संभाल रखा है। आइसोलेशन के बाद अब चरक भवन में कोरोना ओपीडी में भी कोरोना संदिग्ध मरीजों को संभालना और उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं आने देना इस टीम पर ही निर्भर है। सबसे अच्छी बात यह है कि पूरी टीम में बेहतर तालमेल का होना। इसी वजह से कोरोना ओपीडी का बेहतर संचालन हो रहा है।

ये है टीम: डॉ. रणधीर राव, डॉ. गिरीश चौहान, डॉ.एस.एस. राणावत, डॉ. जगदीश मोदी, डॉ. डी.एस. मीणा, डॉ. नरेन्द्र चौहान, डॉ. अनिल दुबे, भूरामल मीणा, चंद्रकांत शर्मा।

एसएमएस अस्पताल में यों कोरोना वायरस पीड़ित मरीजों को हो रहा बेहतर उपचार

लैब टेक्निशियन
जांच में जुटे 24 घंटे, दिन-रात काम
एसएमएस मेडिकल कॉलेज की वायरोलॉजी लैब हो या दूसरी लैब। कोरोना वॉरियर्स के रूप में लैब टेक्निशियन अपना महत्वपूर्ण योगदान निभा रहे हैं। लैब में 18 लैब टेक्निशियन कोरोना सैम्पल लेने और जांच में लगे हुए हैं। खतरा काफी है। पत्रिका टीम वायरोलॉजी लैब पहुंची तो यहां टेक्निशियन की पूरी टीम का हौसला और जज्बा देखने लायक था। ये पूरे जोश के साथ 24 घंटे जांच कार्य में लगे हुए हैं। लैब टेक्निशियनों ने बताया कि सबसे ज्यादा डर संक्रमण का रहता है। हमें पता नहीं जिस मरीज का सैम्पल हमारे पास है वह पॉजिटिव है या नेगेटिव। हम तो सभी मरीजों को पॉजिटिव मानकर ही टेस्ट लगाते हैं। फिर भी हम कोरोना की इस लड़ाई में सबके साथ हैं।

ये है टीम: सरिता गुप्ता, हेमंत गुप्ता, चांदनी सैनी, मनीष तिवाड़ी, लोकेश बेहरवाल, मोहित छीपा, कोसर शेख, कुसुम जैन, लोकेन्द्र।

एसएमएस अस्पताल में यों कोरोना वायरस पीड़ित मरीजों को हो रहा बेहतर उपचार

एसएमएस नर्सिंग स्टाफ
हाई रिस्क, पूरे जोश के साथ जुटे हैं
अस्पताल की सबसे सेंसिटिव जगह आइसोलेशन वार्ड है। जहां कोरोना पॉजिटिव और संदिग्ध मरीज भर्ती हैं। इन मरीजों की सेवा में जुटी है नर्सिंग स्टाफ की टीम। यह टीम सबसे ज्यादा हाइ रिस्क की श्रेणी में हैं। नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि कई दिन हो गए घर नहीं गए। परिजनों से भी नहीं मिल पा रहे हैं। इन नर्सिंग स्टाफ ने काम को पहली प्राथमिकता दे रखी है। आइसोलेशन में मरीजों के सीधे सम्पर्क में हैं, लेकिन इन वॉरियर्स को कोई डर नहीं है। कोरोना पॉजिटिव और संदिग्धों के साथ स्टाफ दो पारियों में ड्यूटी कर रहा है।

आइसोलेशन टीम : मनोज मीना दुब्बी, बनवारी, पूनम रानी, सोनू कुमार, रविन्द्र, दिलीप शर्मा, जुनैद आसिफ नकवी, बत्तीलाल मीना आईसीयू टीम : राममूर्तिं मीना प्रभारी, सुभाष यादव, जगदीश यादव, संदीप मीना, गजेंद्र यादव, विजेंद्र गुप्ता, वार्ड बॉय प्रभुदयाल

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