जरा से प्रयास कर इस तरह खुद बनाए रख सकते हैं ऑक्सीजन का स्तर

परेशानी जितनी होती है, हड़बड़ाहट और गफलत के कारण कई गुणा बढ़ जाती है। जरा सा ध्यान रखा जाए तो उसे बढऩे के बजाय कम किया जा सकता है।

By: santosh

Published: 21 Apr 2021, 01:21 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क/जयपुर। परेशानी जितनी होती है, हड़बड़ाहट और गफलत के कारण कई गुणा बढ़ जाती है। जरा सा ध्यान रखा जाए तो उसे बढऩे के बजाय कम किया जा सकता है। आप भी प्रयास करें तो न केवल अपने आसपास परेशान हो रहे लोगों को राहत पहुंचा सकते हैं बल्कि ऑक्सीजन की बढ़ती जरूरत को कम करने में भी सहयोग कर सकते हैं। कुछ प्राकृतिक तरीके तो ऐसे हैं, जिनकी मदद से बार-बार अस्पताल जाने तक से बचा जा सकता है।
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सबको होनी चाहिए यह जानकारी
- 93-94 से नीचे चला जाए ऑक्सीजन स्तर, तो चिकित्सक के सम्पर्क में रहना चाहिए
- 90 से नीचे हो लेवल, आम तौर पर तब ही पड़ती है ऑक्सीजन की जरूरत
(जयपुर के प्रमुख विशेषज्ञ व मुख्यमंत्री कोविड सलाहकार समिति के सदस्य डॉ. वीरेन्द्र सिंह के अनुसार)
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ये हैं प्राकृतिक उपाय: आसान भी और कोई खर्च भी नहीं

1. पेट के बल सोने की आदत डालें

पेट के बल सोना सीखें या उसकी आदत डालें। इससे शरीर में प्राकृतिक तौर पर ऑक्सीजन का स्तर काफी बढ़ाया जा सकता है। हमारे फेफड़े का एक तिहाई हिस्सा आगे की तरफ और दो तिहाई हिस्सा पीछे की तरफ होता है। हम सीधे लेटते हैं तो पीछे वाले फेफड़े दब जाते हैं, जो अधिक होता है। पेट के बल लेटने पर एक तिहाई हिस्से पर ही दबाव पड़ता है। ऐसे में पेट के बल लेटने से शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है।

2. योग-प्राणायाम करें
अनुलोम-विलोम, कपालभांति, भस्त्रिका प्राणायाम और ओम का जाप करना बहुत लाभकारी है। रोजाना केवल 15 मिनट ऐसा करने से शरीर का ऑक्सीजन इनटेक बढ़ जाता है। किवी, केला, नींबू, लहसुन, गाजर, अंकुरित अनाज, शकरकंद, खीरा आदि भी ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाने में सहायक हैं।

(डॉ. वीरेन्द्र सिंह के अनुसार)
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यों भी बनाए रख सकते हैं ऑक्सीजन का स्तर
ऑक्सीजन की कमी क्यों और कितनी है, उसके अनुसार आयुर्वेद में उपयुक्त चिकित्सा निर्धारित की जाती है। ऑक्सीजन लेवल श्वसन तंत्रगत व्याधियों जैसे जीर्ण श्वास रोगियों में सामान्यत: देखी जा सकती है। इनके लिए पीपल पत्र स्वरस, मुलेठी, लहसुन, त्रिकटु जैसी औषधियां लाभकारी हैं। शहद भी ऑक्सीजन स्तर को बनाए रखने में सहायक होता है। एक्यूट स्थिति में ऑक्सीजन लगवाना ही विकल्प है लेकिन जीर्णावस्था में रोगानुसार भिन्न-भिन्न औषधियों के चयन, योग-प्रणायाम एवं प्रचुर जल के उपयोग से ऑक्सीजन स्तर बनाए रखा जा सकता है।

(आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. गजेन्द्र शर्मा के अनुसार)

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