पुलिस की मिलीभगत, बेखौफ नकली दवा बनाने वाले

pushpendra shekhawat

Publish: Feb, 15 2018 03:32:30 PM (IST)

Jaipur, Rajasthan, India
पुलिस की मिलीभगत, बेखौफ नकली दवा बनाने वाले

एसओजी ने दी नामजद रिपोर्ट पर पुलिस ने अज्ञात में दर्ज की, अभी तक कार्रवाई भी नहीं की

जयपुर। राजधानी जयपुर में पुलिस की मिलीभगत से नकली दवा बाजार में बेचने वाले गिरोह सक्रिय हैं। ओषधि नियंत्रण विभाग की माने तो एसओजी ने नकली दवा बनाने वालों पर बड़ी कार्रवाई की, लेकिन स्थानीय थाना पुलिस मामलों को दबाकर बैठ गई। यहां तक की नामजद आरोपितों की रिपोर्ट दर्ज करने के लिए शिकायत देने के बावजूद अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। जयपुर के श्याम नगर, मालवीय नगर थानों में नकली दवा बनाने वालों के खिलाफ जांच अभी लंबित ही है। इस संबंध में ओषधि नियंत्रण अधिकारियों ने पुलिस के साथ एसओजी को भी इस संबंध में शिकायत की है।

 

ओषधि नियंत्रण विभाग सूत्रों के मुताबिक, नम्बर 2017 में मालवीय नगर क्षेत्र में नकली दवा सप्लाई करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई थी। यहां बड़ी मात्रा में नकली और प्रतिबंधित दवाओं का जखीरा पकड़ा था। आरोपितों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज करने के लिए पुलिस को शिकायत दी। जबकि पुलिस ने अज्ञात में दर्ज कर ली। वहीं श्याम नगर थाना क्षेत्र में पकड़ी गई नकली दवा के मामले में भी पुलिस की कार्रवाई ढुलमुल है। जबकि ब्रह्मपुरी थाना पुलिस को मजबूरन एसओजी की कार्रवाई के चलते आरोपित के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ी।

 

एसओजी ने पकड़ा था जखीरा और किया था गिरफ्तार

राजस्थान में नशीली और नकली दवा बेचने वाले गिरोह के खिलाफ एसओजी और औषधि नियंत्रण विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए नवम्बर में चार लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपितों के कब्जे से 323 कार्टन में 38760 नकली दवाओं की बोतल बरामद की, जबकि आरोपित दवा के 100 कार्टन बाजार में बेच चुके थे। इसके अलावा नशीली दवाओं की भारी मात्रा बरामद की थी। इस संबंध में एसओजी में औषधि नियंत्रण जयपुर सिटी के अधिकारी नरेन्द्र रैगर ने मामला दर्ज कराया था। एसओजी ने तब मामले में नारायादास त्रिलोकानी (53) आमेर रोड स्थित चन्दवन नगर, मोहन शर्मा वीकेआई स्थित अरावली विहार, चेतनप्रकाश सिंधी प्रताप नगर स्थित कुंभामार्ग और सुशील करनानी कालवाड़ रोड निवासी को गिरफ्तार किया था।

 

मालवीय नगर में नकली दवा सप्लाई करने वालों के खिलाफ पुलिस को नामजद शिकायत दी। लेकिन पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। जबकि अन्य मामलों में भी आरोपितों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे नकली दवा बनाने और सप्लाई करने वाले बेखौफ हैं।

डॉ. अजय फाटक, ड्रग कंटोलर, जयपुर

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