कोरोना मरीज नहीं, फिर भी अदालतें बंद, यह राजस्थान के लोगों के हित में नहीं-लोढ़ा

सिरोही विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि प्रदेश की कई अदालतें ऐसी हैं, जहां अभी तक कोरोना का कोई भी मरीज नहीं आया है। बावजूद इसके अदालतें पिछले छह महीने से ठप पड़ी हैं। ये किसी भी तरह से राजस्थान की जनता के हित में नहीं है।

By: Umesh Sharma

Updated: 30 Sep 2020, 05:19 PM IST

जयपुर।

सिरोही विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि प्रदेश की कई अदालतें ऐसी हैं, जहां अभी तक कोरोना का कोई भी मरीज नहीं आया है। बावजूद इसके अदालतें पिछले छह महीने से ठप पड़ी हैं। ये किसी भी तरह से राजस्थान की जनता के हित में नहीं है। लोढ़ा बुधवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में कोरोना को जनआंदोलन के माध्यम से निपटने के लिए हुई वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग में बोल रहे थे।

लोढ़ा ने मुख्यमंत्री गहलोत सहित राज्य के न्याय व विधि मंत्री शांति धारीवाल से आग्रह किया कि न्यायालय बंद होने से लोग बुरी तरह प्रभावित हो रहे है, उनका मनोबल भी गिर रहा है। विधायक लोढ़ा ने धारीवाल से आग्रह किया कि वे इस बारे में जानकारी लेकर मुख्य न्यायाधीश से संपर्क कर उनसे आग्रह करें तथा राज्य की अदालतों में सामान्य कामकाज प्रारंभ करवाएं ताकि प्रदेश की जनता को राहत मिल सके। लोढ़ा ने कहा कि सिरोही जिले की बात करें तो यहां के जिला अस्पताल में मेल नर्स के 40 पद खाली हैं। बावजूद इसके वर्ष 2020 में सिरोही के जिला अस्पताल से 16 कर्मचारी हटा दिए गए।

लोढ़ा ने मुख्यमंत्री से कहा कि आपने जो विधायक कोष जारी किया उसके उपयोग के लिए सरकार को लिखकर दे दिया। इसके एक साल बीत जाने के बावजूद भी अस्पतालों में सुविधाएं नहीं है, मशीनें नहीं है। कोरोना से निपटने के लिए भामाशाहों के सहयोग से वेंटिलेटर तो उपलब्ध करवा दिए गए है, मगर उसका उपयोग नहीं कर पा रहे है, अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं है। मेन पॉवर की कमी है। बावजूद इसके जिले में लोगों का हौंसला बुलंद है। जिले में कोरोना से निपटने के लिए भामाशाहों व नागरिकों ने खूब सहयोग दिया है।

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