आरटीई में पहली कक्षा से प्रवेश पर रोक से इनकार

राज्य सरकार, मुख्य सचिव सहित अन्य से 6 अगस्त तक मांगा जवाब

By: KAMLESH AGARWAL

Published: 30 Jul 2020, 09:51 PM IST

जयपुर।


पूर्व प्राथमिक कक्षाओं को आरटीई से बाहर करने के मामले में राजस्थान उच्च न्यायालय ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। न्यायालय ने अभ्युत्थानम संस्था की जनहित याचिका पर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव शिक्षा, प्रारम्भिक और माध्यमिक शिक्षा निदेशक से इस संबंध में 6 अगस्त तक जवाब मांगा है। न्यायाधीश सबीना और न्यायाधीश सीके सोनगरा की खंडपीठ ने कहा कि कक्षा 1 के दाखिले में न्यायालय हस्तक्षेप नहीं कर रहा है लेकिन पूर्व प्राथमिक कक्षाओं में प्रवेश पर 6 अगस्त को सुनवाई होगी।


याचिकाकर्ता संस्था के अध्यक्ष अधिवक्ता प्रांजल सिंह के अनुसार शिक्षा विभाग ने वर्ष 2020—21 के दिशा निर्देशों में अब सिर्फ कक्षा एक को ही हाई एन्ट्री कक्षा माना है यानी की इससे पूर्व की प्राईमरी कक्षाओं में आरटीई का लाभ अब नही मिल पायेगा। सिंह ने बताया कि प्री प्राईमरी कक्षाओं में गरीब बच्चो को प्रवेश नही देकर सीधो कक्षा में 1 में ही प्रवेश मिलने से आरटीई से प्रवेश लेने वालो बच्चो के लिए मुश्किल हालात पैदा हो जायेंगे। ऐसे बच्चे पूर्व में अध्ययनरत बच्चों के साथ सामजंस्य नही बैठा पायेंगे। आरटीई कानून के तहत प्रदेश की निजी स्कूलों में प्री प्राईमरी कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटें गरीब बच्चो के लिए आरक्षित रखी जाती है जिस पर शिक्षा विभाग लाटरी के जरिए प्रवेश देता है और इन बच्चों की फीस का पुर्नभुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जाता है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार ही वर्ष 2019—20 में ही आरटीई के तहत दो लाख से ज्यादा बच्चों का प्रवेश हुआ है और उनमें से प्री प्राईमरी कक्षाओं में करीबन 1 लाख 20 हजार बच्चों का प्रवेश हुआ है। लेकिन सरकार के आदेश से अब इन कक्षाओं में प्रवेश लेने वाले गरीब बच्चो को आरटीई का लाभ नही मिलेगा। न्यायालय ने नोटिस जारी कर छह अगस्त तक जवाब मांगा है ।

KAMLESH AGARWAL Desk
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