हाईकोर्ट ने कोरोना नियंत्रण के लिए लाॅक डाउन की सख्ती से पालना के दिए निर्देश

(Rajasthan Highcourt) हाईकोर्ट ने देश व प्रदेश में (Covid-19) कोरोना संक्रमण व महामारी को फैलने से रोकने के लिए (Govt mechinery) सरकारी मशीनरी को इस महामारी को नियंत्रित करने के लिए (Lock Down) लॉक डाउन या अन्य दिए गए (instructions) निर्देशों का (Strict complience) सख्ती से पालना करवाने के निर्देश दिए हैं।

By: Mukesh Sharma

Published: 24 Mar 2020, 08:01 PM IST

जयपुर
(Rajasthan Highcourt) हाईकोर्ट ने देश व प्रदेश में (Covid-19) कोरोना संक्रमण व महामारी को फैलने से रोकने के लिए (Govt mechinery) सरकारी मशीनरी को इस महामारी को नियंत्रित करने के लिए (Lock Down) लॉक डाउन या अन्य दिए गए (instructions) निर्देशों का (Strict complience) सख्ती से पालना करवाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने इंडियन कौंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के निदेशक को सभी चिकित्सा व स्वास्थ्य एजेंसियों को निर्देश देने को कहा है कि जब तक कोरोना से संक्रमित व्यक्ति ब्लड टैस्ट में पूरी तरह से वायरस फ्री नहीं हो जाए तब तक उसे अस्पताल से डिस्चार्ज नहीं किया जाए। ऐसी ही व्यवस्था होम आइसोलेशन व क्वारंटाइन में रखे गए व्यक्तियों के साथ भी की जाए। सीजे इन्द्रजीत महान्ति व जस्टिस सतीश कुमार शर्मा की खंडपीठ ने यह अंतरिम निर्देश मंगलवार को सहबान नकवी के पत्र पर स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लेते हुए दिया।
कोर्ट ने कहा है कि ऐसे कुछ मामले देखे गए हैं जिनमें संक्रमित व्यक्ति को अस्पताल से संक्रमित फ्री होने पर डिस्चार्ज कर दिया जाता है लेकिन कुछ दिनों बाद उसे दुबारा संक्रमित होने पर भर्ती किया जाता है। यह बहुत ही गंभीर स्थिति है और ऐसे लोगों के जरिए यह महामारी तेजी से फैल सकती है। अदालत ने कहा कि राज्य सरकार इस महामारी को रोकने में लगे सभी विभागों की ओर से किए जा रहे प्रयासों व स्थिति का दैनिक रूप से रिव्यू करे और उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश भी दे। निर्देशों का सख्ती से पालन करने के लिए मल्टी टायर मैकेनिज्म व मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी स्तर पर इसमें छोटी सी कमी भी ना रहे। कोर्ट ने कहा कि पूरा विश्व कोविड-19 महामारी की चुनौती से गुजर रहा है और हमारा देश भी काेरोना की तीसरी स्टेज में है। विश्व में हमारा देश चिकित्सा व स्वास्थ्य सेवाओं में 145 वें स्थान पर है। इस महामारी को नियंत्रित करने के लिए केन्द्र व राज्य सरकारों ने उचित कदम उठाए है। लेकिन वास्तव में यह महामारी मुख्य तौर पर संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलती है, लेकिन यह पूरी तरह नहीं रोका जा रहा। ऐसे में व्यापक जनहित को देखते हुए दिए गए निर्देशों की सख्ती से पालना करवाई जाए। अदालत ने केन्द्र के एएसजी व राज्य सरकार के महाधिवक्ता से अदालती आदेशों के संबंध में की गई कार्रवाई का ब्यौरा शपथ पत्र सहित 21 अप्रैल 2020 तक देने के लिए कहा है।

Mukesh Sharma
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