Covid-19: घर पर ही डायबिटीज मैनेज कर रहे हैं जयपुरवासी

Covid-19: जयपुर . Jaipur में Lockdown के बावजूद Glycosylated Hemoglobin या HbA1c (डायबिटीज की जांच) का स्तर और खराब नहीं हुआ है।

By: Anil Chauchan

Published: 22 Oct 2020, 07:32 PM IST

COVID-19 जयपुर . इंडिया डायबिटीज़ केयर इंडेक्‍स (आईडीसीआई) के सबसे नए निष्कर्षों में यह सामने आया है कि जयपुर ( Jaipur ) में पिछली तिमाही की तुलना में अप्रेल से जून 2020 की अवधि में लॉकडाउन ( Lockdown ) के बावजूद ग्लायकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन ( Glycosylated Hemoglobin ) या एचबीए1सी ( HbA1c ) (डायबिटीज की जांच) का स्तर और खराब नहीं हुआ है, बल्कि यह 8.50 प्रतिशत से गिरकर 8.32 प्रतिशत पर आ गया है।


किसी भी व्यक्ति में एचबीए 1सी की वैल्‍यू तीन महीनों से ज्याादा के समय में खून में ग्लूकोज़ के औसत स्तर के बारे में जानकारी देती है। जयपुर में किए गए आंकलन में 56 वर्ष की औसत आयु के करीब 300 लोग शामिल थे, जिनमें से 39 प्रतिशत पुरुष और 61 प्रतिशत महिलाएं थी। इसके अलावा इस तिमाही में पोस्ट प्रेन्डियल (भोजन के बाद) ग्लूकोज़ का स्तर 265 एमजी डीएल था और औसत फास्टिंग (खाली पेट) ग्लूकोज़ का स्तर 170 एमजी डीएल था।


जयपुर में एचबीए1सी स्तर में आए बदलाव के बारे में एन्डोक्राइनोलॉजिस्‍ट डॉ. अजय शाह ने बताया कि आईडीसीआई के नवीनतम आंकड़े सकारात्मक हैं और यह संकेत देता है कि सोशल डिस्टेंसिंग की सीमाओं और घरों में रहने के बावजूद डायबिटीज से पीडित लोग इस बीमारी को मैनेज करने केबारे में बहुत जागरूक हैं। एचबीए1सी स्तर में बदलाव का ट्रेंड एक राहत का संकेत है, क्योंकि कोविड-19 का बड़ा खतरा डायबिटीज से पीडि़त लोगों को है।


डायबिटीज से पीडि़त मरीजों को घर में ही दवाईयों का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखना चाहिए। किसी भी तरह की चेतावनी के संकेत जैसे सांस लेने में तकलीफ या सांस फूलना, बुखार, सूखी खांसी, थकान, दर्द, गले में खराश-परेशानी, सिरदर्द, स्वाद और गंध का पता न लगना आदि को अनदेखा नहीं करना चाहिए और तुरंत मेडिकल जांच की व्यवस्था करनी चाहिए।


डायबिटिज मरीजों के लिए कोविड-19 बड़ी चुनौती -
आईडीसीआई के कार्यक्रम के बारे में डॉ. अनिल शिंदे ने बताया कि वर्तमान में भारत में 7.7 करोड से ज्यादा लोग डायबिटीज से पीडि़त हैं। आईडीसीआई की ओर से उपलब्ध कराए गए डाटा से शहरों में एचबीए1सी स्तर को लेकर ट्रेंड की पहचान करने में सहायता मिली है। निरीक्षण में यह सामने आया है कि कोलकाता, चंडीगढ़, हैदराबाद, गोवा और गुवाहाटी जैसे शहरों में डायबिटीज से पीडि़त लोग एक सख्त दिनचर्या का पालन करते हुए डायबिटीज प्रबंधन का भी पालन कर रहे हैं, क्योंकि डायबिटीज से पीडि़त लोगों के सामने कोविड-19 महामारी से निपटने की गंभीर चुनौती मौजूद है।

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Anil Chauchan Desk
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