रिकवर में भी आ जाते हैं एंटी बॉडी, लेकिन केन्द्र ने कहा- सभी को लगाएंगे वैक्सीन

Rajasthan सरकार ने केन्द्र की गाइडलाइन का हवाला देते हुए पहले चरण में भी कोरोना रिकवर और अन्य सभी तरह के हैल्थ वॉरियर को यह वैक्सीन लगाने की तैयारी कर ली है। दावा है कि रिकवर भले ही हो गए हों, लेकिन वैक्सीनेशन ही इसका पुख्ता इंतजाम है और इससे एंटीबॉडी में बढ़ोत्तरी भी होगी।

By: santosh

Published: 13 Jan 2021, 10:38 AM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
जयपुर। देश में 16 जनवरी से हैल्थ वॉरियर्स को कोविड-19 वैक्सीनेशन की शुरुआत होने जा रही है, वहीं कोविड से रिकवर होने के बाद एंटी बॉडी विकसित हो चुके वॉरियर अभी तक भी असमंजस में ही हैं कि उन्हें वैक्सीनेशन करवाना चाहिए या नहीं। हालांकि शुरूआत अभी वॉरियर्स से ही हो रही है और अभी आम लोगों को टीका लगने में महीनों का समय है।

वहीं, राज्य सरकार ने केन्द्र की गाइडलाइन का हवाला देते हुए पहले चरण में भी कोरोना रिकवर और अन्य सभी तरह के हैल्थ वॉरियर को यह वैक्सीन लगाने की तैयारी कर ली है। दावा है कि रिकवर भले ही हो गए हों, लेकिन वैक्सीनेशन ही इसका पुख्ता इंतजाम है और इससे एंटीबॉडी में बढ़ोत्तरी भी होगी।

एक्टिव 14 दिन वालों को नहीं
वहीं, चिकित्सा विभाग के अनुसार अभी सभी लोगों को वैक्सीन लगाने के निर्देश केन्द्र से मिले हैं। इनमें पोस्ट कोविड मरीज भी शामिल हैं। हालांकि इनमें हाल ही में 14 दिन के भीतर संक्रमित पाए गए कोविड के एक्टिव संक्रमितों को शामिल नहीं किया जाएगा।

विशेषज्ञों ने कहा...
भारत सरकार ने पिछले दिनों निर्देश दिए हैं कि सभी को यह लगवानी चाहिए। वैसे, यह मानना चाहिए कि जो एंटी बॉडी वैक्सीन से बनती है, वह स्वत: नहीं बनती।
-डॉ. रमन शर्मा, सीनियर प्रोफेसर, एसएमएस मेडिकल कॉलेज

वैक्सीन से भी बनती है एंटी बॉडी ही
जयपुर में कोवैक्सीन ट्रायल के प्रिंसीपल इन्वेस्टीगेटर डॉ.मनीष जैन के अनुसार रिकवर मरीजों में भी एंटी बॉडी बनते हैं और वैक्सीन का उद्देश्य भी एंटी बॉडी बनाना ही होता है। एंटी बॉडी का पता करने के लिए आईजीजी एंटीजन फॉर कोरोना जांच होती है, जिसकी कीमत 700 रुपए है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वत: एंटी बॉडी भले ही बनती हो, लेकिन वैक्सीनेशन करवाने से उसमें बढ़ोत्तरी होगी। यह व्यक्ति के लिए लाभदायक ही है।

यह भी ध्यान रखें
पहली डोज के बाद 28वें दिन वैक्सीन की दूसरी डोज दी जाती है। उसके बाद 30 से 45 दिन बाद एंटी बाडी लेवल आ सकता है। तब तक और समाज में हर्ड इम्यूनिटी विकसित होने तक सभी को सावधान रहना ही होगा।

सभी को लगाने की तैयारी

जयपुर प्रथम के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.नरोत्तम शर्मा का कहना है कि हमने सभी तरह के हैल्थ वॉरियर को यह वैक्सीन लगाने की तैयारी की है। केन्द्र से इसी तरह के निर्देश हमे मिले हैं। उसीकी पालना की जा रही है।

केंद्र सरकार का रुख

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का साफ मानना है कि सभी लोगों को कोविड-19 का टीका लगाया जाना चाहिए। जिनको पहले कोरोना हो चुका हो, उन्हें दुबारा इसके संक्रमण का खतरा रहता है। ऐसे में टीका उस आशंका को कम करेगा। व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होगी। इसलिए ऐसे लोगों को भी टीका लगाने की सलाह दी जाती है।

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