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Covid Death Compensation : सुप्रीम कोर्ट की फटकार से हुआ प्रमाणित, सरकार की मुआवजा देने की मंशा नहीं-राठौड़

राज्य सरकार ने कोरोना से जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को मुआवजा नहीं दिया है। मामले को लेकर उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट की फटकार से प्रमाणित हो रहा है कि राज्य की संवेदनहीन गहलोत सरकार की कोविड मृतकों के आश्रितों को मुआवजा राशि देने की बिल्कुल भी मंशा ही नहीं है।

जयपुर

Updated: December 18, 2021 03:48:52 pm

जयपुर।

राज्य सरकार ने कोरोना से जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को मुआवजा नहीं दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। मामले को लेकर उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट की फटकार से प्रमाणित हो रहा है कि राज्य की संवेदनहीन गहलोत सरकार की कोविड मृतकों के आश्रितों को मुआवजा राशि देने की बिल्कुल भी मंशा ही नहीं है।
Covid Death Compensation : सुप्रीम कोर्ट की फटकार से हुआ प्रमाणित, सरकार की मुआवजा देने की मंशा नहीं-राठौड़
Covid Death Compensation : सुप्रीम कोर्ट की फटकार से हुआ प्रमाणित, सरकार की मुआवजा देने की मंशा नहीं-राठौड़
राठौड़ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को टिप्पणी करते हुए यह कहना पड़ा कि ''सबसे खराब स्थिति राजस्थान के लोगों की है। हमें लगता है कि राजस्थान सरकार कुछ छिपा रही है।'' कोविड मृतकों के आंकड़े, मुआवजा के लिए आवेदनकर्ताओं की संख्या व कितने लोगों को मुआवजा दिया गया, इससे संबंधित इसकी जानकारी सुप्रीम कोर्ट को नहीं देने से साफ प्रतीत हो रहा है कि राज्य सरकार जानबूझकर पीड़ित परिवारों की मदद नहीं कर रही है। राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार को कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या व कितने पीड़ित परिवारों को आर्थिक सम्बल दिया गया, इस संबंध में श्वेत पत्र जारी करना चाहिए। क्योंकि काेराेना से मृत्यु के आंकड़ों और राज्य सरकार द्वारा बांटे गए मुआवजे में करीब तीन हजार माैताें का फर्क है। प्रदेश में काेराेना से मृत्यु के आंकड़े 8959 हैं वहीं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के मुताबिक मुआवजे के हकदार पीड़ित परिजनों के आंकड़े इससे भिन्न हैं। यहीं नहीं सरकारी कर्मचारियों को भी कुछ नहीं दिया गया है।
महाराष्ट्र और केरल को भी एक हफ्ते में मुआवजा देने के दिए निर्देश

राठौड़ ने कहा कि राजस्थान के साथ महाराष्ट्र और केरल राज्य को एक हफ्ते में पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि अगर राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को अनसुना करेगी तो कोर्ट कड़ी कार्रवाई करेगा। विपक्ष के नाते हम सभी लगातार राज्य सरकार की मंशा को बार-बार उजागर करते हुए कह रहे थे कि राज्य सरकार ने कोविड के कारण अनाथ हुए बच्चों व विधवा महिलाओं के लिए राहत पैकेज की जो घोषणा की वह सिर्फ दिखावटी व कागजी है।

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