इंदिरा रसोई संचालकों पर सख्ती, पैसा मांगा तो लाइसेंस होगा निरस्त

कोरोना संक्रमण की वजह से कई जरूरतमंद और गरीब लोगों के समक्ष भोजन का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में राज्य सरकार ने इंदिरा रसोई योजना से निशुल्क भोजन उपलब्ध कराने की घोषणा की है। इसके बाद भी कई इंदिरा रसोई संचालक भोजन के का पैसा वसूल कर रहे है।

By: Umesh Sharma

Published: 23 May 2021, 04:18 PM IST

जयपुर।

कोरोना संक्रमण की वजह से कई जरूरतमंद और गरीब लोगों के समक्ष भोजन का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में राज्य सरकार ने इंदिरा रसोई योजना से निशुल्क भोजन उपलब्ध कराने की घोषणा की है। इसके बाद भी कई इंदिरा रसोई संचालक भोजन के का पैसा वसूल कर रहे है।

नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने चेतावनी दी है कि अगर किसी रसोई संचालक ने पैसा वसूल किया और जांच में शिकायत सही पाई गई तो उसका लाइसेंस रद्द किया जाएगा। लॉकडाउन के दौरान इंदिरा रसोई का सभी खर्च सरकार ने उठाने की घोषणा कर रखी है। रसोई संचालकों का इस अवधि के दौरान जो भी भोजन पर पैसा खर्च हुआ है, वह सरकार देगी। निकायों के माध्यम से यह पैसा दिया जाएगा, इसलिए रसोई संचालक किसी भी व्यक्ति से पैसा वसूल नहीं करें। भोजन के लिए आने वाला कोई व्यक्ति स्वेच्छा से पैसा देता है तो ही पैसा लिया जाए।

आपको बता दें कि राज्य सरकार ने लॉकडाउन की अवधि में जरूरतमंदों को निशुल्क भोजन उपलबध कराने की घोषणा की है। निकायों के जरिए यह भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है। अगर कोई स्वयंसेवी संस्था या भामाशाह यह भोजन उपलब्ध करवाते हैं तो निकायों को भोजन का पैसा देना होगा। मगर सरकार के आदेश के बाद भी कई रसोई संचालक पैसा वसूल कर रहे हैं, जिसकी पर यूडीएच मंत्री को यह चेतावनी देनी पड़ी है।

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Umesh Sharma Reporting
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