डाइटिंग और क्रेविंग में क्या है मेल?

वजन घटाने की प्रक्रिया में हम कई बार डाइटिंग का सहारा भी लेते हैं लेकिन आपने यह नोटिस किया होगा कि डाइटिंग के दौरान आपको सामान्य दिनों से भी ज्यादा क्रेविंग होती है।

Kiran Kaur

25 Mar 2020, 06:08 PM IST

वजन कम करने के लिए हम क्या-क्या नहीं करते। वजन घटाने की इसी प्रक्रिया में हम कई बार डाइटिंग का सहारा भी लेते हैं लेकिन आपने यह नोटिस किया होगा कि डाइटिंग के दौरान आपको सामान्य दिनों से भी ज्यादा क्रेविंग होती है।असल में जब आप डाइटिंग कर रहे होते हैं तो कई बार अपने पसंदीदा फूड के बारे में सोचते हैं जैसे कि नूडल्स, चिप्स आदि का खयाल। टेक्सास मेडिकल शाखा विश्वविद्यालय में फार्माकोलॉजी और टॉक्सिकोलॉजी विभाग में सहायक प्रोफेसर जोनाथन हॉमेल कहते हैं कि वसा में उच्च खाद्य पदार्थों के लिए क्रेविंग जिसमें कई जंक फूड शामिल हैं मोटापे का कारण है। उनके अनुसार जब लोग वजन कम करने की कोशिश करते हैं, तो अक्सर वसायुक्त खाद्य पदार्थों से बचने का प्रयास करते हैं लेकिन विडंबना यह है कि ऐसे में इन खाद्य पदार्थों के लिए लालसा बढ़ जाती है और लोग जरूरत से ज्यादा भोजन कर लेते हैं। यहां तक कि जब कोई लम्बे समय तक वसायुक्त खाद्य पदार्थों से परहेज करता है तो इनके लिए उसके मन में लालसा और भी बढ़ जाती है या रह-रहकर उसे क्रेविंग का एहसास होता रहता है इसलिए वजन घटाने के लिए डाइटिंग से बचे और हैल्दी फूड को डाइट में शामिल करें। मीठे की क्रेविंग से बचने के लिए फलों के रस या फलों को भोजन का हिस्सा बनाएं। मैदा या तले पदार्थों की बजाए फाइबर युक्त फूड को थाली में शामिल करें। नियमित रूप से व्यायाम करें और तनाव आधी से बचें। देर रात में जागने की आदत छोड़ दें इससे भी आपकी क्रेविंग बढ़ सकती है क्यूंकि जागने के दौरान जब भी आपको भूख लगती है तो आप चिप्स, नमकीन आदि खाते हैं जिससे आपकी इस समय की क्रेविंग भले ही शांत हो जाये लेकिन लम्बे समय से जो आप अपनी बॉडी पर मेहनत कर रहे होते हैं वह खराब हो जाती है।

Kiran Kaur Desk
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