संकट के साथी

संकट के साथी
आटा चक्की वाले मुश्किल घड़ी में उपलब्ध करवा रहे आटा

By: Rakhi Hajela

Published: 18 Apr 2020, 03:55 PM IST


lOCKDOWN की दूसरी पारी शुरू हो चुकी है और इसमें पहले से ज्यादा सख्ती बढ़ गई है। ऐसे कठिन दौर में कम समय मिलने पर भी आटा चक्की वाले संकट के साथी बनकर उभरे हैं। ऐसे मुश्किल समय में भी गांव में आटा चक्की वाले समय पर गेंहू पीसकर आटा उपलब्ध करवा रहे हैं। हालांकि गांव में अधिकतर लोग आटा चक्की पर ही गेहूं पिसवाकर आटे का उपयोग करते हैं और पिसा हुआ आटा कम खरीदते हैं लेकिन वर्तमान में समय सीमा तय होने के कारण आटा चक्की पर भी गेंहू पिसवाने के लिए लोग आ रहे हैं।आटा चक्की वाले समय का उपयोग करते हुए गेहूं पीसकर आटा उपलब्ध करवा रहे हैं। घटियावली निवासी विनोद शर्मा ने बताया कि लॅाकडाउन के समय में जो समय सीमा तय कर रखी है, उसमें 4 घंटे के समय में वह पूरा समय लोगों का गेंहू पीसकर उन्हें समय पर आटा उपलब्ध करवाने का काम कर रहे हैं। किसी को भी खाली हाथ नहीं लौटना पड़े इसके लिए जरूरत पड़े तो वह अपने घर का आटा भी दे देते हैं एउनका कहना है कि आटा चक्की वालों के लिए समय सीमा बढ़ाई जाए ताकि आटा पीसने में थोड़ा समय और मिल सके
घटियावली निवासी प्रेम सिंह पिछले 25 वर्षों से आटा चक्की चला रहे हैं। उन्होंने बताया कि मेन बस स्टैंड पर होने के कारण उनके यहां पर भी आटा पीसने के लिए लोग ज्यादा आते हैं वह खुद भी जरूरतमंदों को आटा मुफ्त में देते हैं। उनका कहना था कि आटा पीसने की समय सीमा बढऩा बहुत जरूरी है जिससे अधिक से अधिक लोग आटा पीस सकें या पिसवा सकें।

Rakhi Hajela Desk
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