पीएम मोदी की डिजिटल इंडिया को नुकसान पहुंचा रहे साइबर ठग, वारदात के बाद पीड़ितों ने की प्लास्टिक मनी से तौबा

पीएम मोदी की डिजिटल इंडिया को नुकसान पहुंचा रहे साइबर ठग, वारदात के बाद पीड़ितों ने की प्लास्टिक मनी से तौबा

Pushpendra Singh Shekhawat | Updated: 07 Jun 2019, 07:40:00 AM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

कई पीडि़तों ने ठगी के बाद एटीएम-क्रेडिट कार्ड हमेशा के लिए बंद कराए, अब फिर से बैंक जाकर ही करते हैं लेन-देन

अविनाश बाकोलिया / जयपुर। साइबर ठगों का पसरता जाल पीएम मोदी ( PM Narendra Modi ) की डिजिटल भुगतान प्रक्रिया को बड़ा धक्का पहुंचा रहा है। साइबर ठगी के शिकार कई लोग एटीएम कार्ड, ऑनलाइन लेन-देन की प्रक्रिया से ही दूर हो रहे हैं। ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें पीडि़तों ने प्लास्टिक मनी से तौबा ही कर ली।

 

गौरतलब है कि लोगों की मेहनत की गाढ़ी कमाई को साइबर अपराधियों की नजर लग रही है। जयपुर पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र के अधिकांश थानों में रोजाना 3-4 मुकदमे आइटी एक्ट में दर्ज हो रहे हैं। साइबर अपराधी नित नए तरीकों से लोगों को लूटने में जुटे हैं लेकिन पुलिस लगाम नहीं कस पा रही है। ऐसे में पीडि़त लोग प्लास्टिक मनी से ही कतराने लगे हैं। पिछले महीनों में ठगी के शिकार हुए लोगों में कई ऐसे भी हैं, जिन्होंने चपत लगने के बाद एटीएम-क्रेडिट कार्ड हमेशा के लिए बंद करा दिए। अब वे फिर से बैंक जाकर ही लेन-देन करने लगे हैं।


चोट लगी और... तौबा ही कर ली

सुभाष चौक थाने में तैनात एएसआइ सूबेसिंह पिछले साल 13 अक्टूबर को सुबह ब्रह्मपुरी थाने के पास एटीएम बूथ पर रुपए निकलवाने गए। वहां मौजूद 4 में से एक युवक मशीन से रुपए निकालने का स्वांग कर रहा था। सूबेसिंह ने जैसे ही कार्ड डाला, विंडों हैक हो गई और रुपए नहीं निकले। घर पहुंचे तो 40 हजार रुपए खाते से निकलने का मोबाइल पर मैसेज नजर आया। अब सूबेसिंह कहते हैं, आए दिन ठगी हो रही है। मैंने तो ठगी के बाद से एटीएम कार्ड बंद ही करा दिया। तय कर लिया है कि जब भी रुपए चाहिए, बैंक जाकर ही लाऊंगा।

 

plastic money

अब कार्ड चालू करने का कोई इरादा नहीं
मंडी खटीकान निवासी विमला ने गलता गेट पर मकान लिया था। इसके लिए जवाहरनगर में एक बैंक से लोन लेते समय वहां मौजूद 2 कर्मियों ने क्रेडिट कार्ड के लिए भी आवेदन ले लिया। साथ में आधार और पैन कार्ड की प्रतिलिपि भी ली। पिछले साल जुलाई में क्रेडिट कार्ड आने के बाद 12 सितम्बर को बैंककर्मी बन किसी युवती ने फोन किया और कार्ड चालू करने के लिए 16 डिजिट के नंबर, सीवीवी नंबर और एक्सपायरी डेट ले ली। बाद में रुपए निकलने का मैसेज आने पर विमला बैंक गईं तो पता चला कि कार्ड से 1.90 लाख रुपए की ऑनलाइन शॉपिंग की गई है। अब विमला ने बताया कि फोन कॉल्स और क्रेडिट कार्ड जैसी चीजों से अब विश्वास उठ गया है। चपत लगी तब से क्रेडिट और एटीएम कार्ड बंद हैं। अब इन्हें चालू करने का कोई इरादा नहीं है।

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