बेटियों ने नाम किया रोशन, तरस रही अलग विद्यालय को...

बेटियों ने नाम किया रोशन, तरस रही अलग विद्यालय को...

स्कूल मर्ज होने के बाद कम हो रहा नामांकन

ग्रामीण कर रहे अलग बालिका विद्यालय की मांग

राज्यमंत्री को लिखा पत्र

एक ओर तो राज्य सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को पुरजोर तरीके से चला रही है। वही दूसरी ओर बून्दी जिले के जजावर कस्बे में बालिकाओं के लिए अलग से विद्यालय नहीं होने के कारण बालिकाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आपको बता दें कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के समय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में मर्ज किया गया था उसके बाद से बालक- बालिकाओं को एक साथ बैठना पड़ रहा है। 15 जुलाई 2016 को बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में मर्ज कर दिया था। जानकारों की माने तो यदि इस विद्यालय जो मर्ज हो चुका है, इसको अलग कर दिया जाए तो नामांकन में बढ़ोतरी हो सकती है क्योकि ग्रामीण इलाके में आज भी कई लोग अपनी बेटियों को लड़कों के साथ स्कूल नहीं भेजना चाहते।

मर्ज से पहले नामांकन की स्थिति - आपको बता दें कि राजकीय उच्च बालिका प्राथमिक विद्यालय में 2016 में मर्ज किया गया था इससे पहलेे कक्षावार नामांकन स्थिति इस प्रकार रही कक्षा 1 - 35, कक्षा 2 - 30,कक्षा 3 - 18,कक्षा 4 - 17,कक्षा 5 - 27,कक्षा 6 - 17,कक्षा 7 - 38, व कक्षा 8 बोर्ड परीक्षा में 23 छात्राओं सहित कुल 205 का नामांकन रहा। सबसे खास बात यह रही कि कक्षा एक से आठ तक 166 छात्राएं इस विद्यालय में अध्ययनरत रही थी। वहीं वर्तमान में नामांकन में कुछ कमी आई है। जबकि इन पाचं सालों में नामांकन ज्यादा होना चाहिए था।


अंकों में भी बालिका अव्वल -आंकड़े की बात की जाए तो सत्र 2018-19 की बोर्ड कक्षाओं में कक्षा 12 से संतोष योगी, कक्षा 10 गिरिजा नागर अव्वल रही। कक्षा आठ से निशा नागर व लक्ष्मी नागर ने राज्यस्तरीय मेरिट प्राप्त की तो बसन्ती नागर ने जिला स्तरीय मेरिट सूची में अपना नाम दर्ज करवाया। जिनका चयन लेपटॉप के लिए भी हुआ है।
इनका कहना-
बालिका हित में जजावर में अलग बालिका विद्यालय की आवश्यकता है। ग्रामीण कई बार जनप्रतिनिधयों से अलग बालिका विद्यालय स्वीकृत करवाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली।

लालूराम गुर्जर,समाजसेवी जजावर

गांव में स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय ने बालिका शिक्षा के क्षेत्र में मिसाल कायम की है। यहां बेटों से ज्यादा बेटियां अध्ययन के लिए पहुंचतीं हैं।राज्यमंत्री अशोक चांदना को पत्र लिखकर अवगत करा दिया है।

रामप्रकाश धाकड़, सरपंच जजावर

Rakhi Hajela Desk
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