44 घंटे बाद पॉजिटिव मरीज का शव लेने पहुंचे, दो दिन भूखा रहा गांव

प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव मरीजों को इलाज कराने में ही नहीं मौत के बाद भी परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए बदइंतजामी का दंश झेलना पड़ रहा है।

By: kamlesh

Published: 07 Sep 2020, 03:16 PM IST

जयपुर। प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव मरीजों को इलाज कराने में ही नहीं मौत के बाद भी परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए बदइंतजामी का दंश झेलना पड़ रहा है। राजधानी में ही पॉजिटिव मरीज की मौत के बाद ही परिजनों को शव के दाह संस्कार के लिए अफसरों के आगे गिड़गिड़ाना पड़ा। रविवार को राजधानी में ऐसा ही एक मामला सामने आया।

सरदारशहर के गांव जेगन निवासी महावीर सिंह की पॉजिटिव होने के बाद मौत हो गई। 44 घंटों बाद नगर निगम की गाड़ी शव को अंतिम संस्कार के लिए लेने पहुंची। हैरानी की बात है कि मरीज की मौत दिल्ली रोड स्थित निम्स अस्पताल में चार सितंबर को ही हो गई।

इसके बाद दो दिन तक अस्पताल, नगर निगम और जिला प्रशासन के अधिकारी परिजनों को झांसा देते रहे कि गाड़ी रास्ते में ही है। कभी कहते कि गाड़ी खराब हो गई। परेशान परिजनों ने आमेर एसडीएम लक्ष्मीकांत कटारा से लेकर एडीएम और कलक्टर तक को पीड़ा बताते रहे। लेकिन जिम्मेदार बस कार्यवाही कराने का आश्वासन देते रहे।

इस बीच परम्परा के अनुसार अंतिम संस्कार नहीं होने तक मृतक का पूरा गांव भूखा रहा। 500 घरों में चूल्हा नहीं जला। मृतक के भाई छह सितंबर को दोपहर 12 बजे आदर्शनगर श्मशान में दाह संस्कार के बाद गांव में सूचना की गई। मृतक के भाई सुगम सिंह ने बताया कि 26 अगस्त को हॉर्ट का ऑपरेशन कराने के लिए जयपुर लाए थे। जहां पहले रिपोर्ट नेगेटिव आई और फिर पॉजिटिव।

परिजनों का आरोप, निगम रात में अंतिम संस्कार पर अड़ा, पत्रिका ने की मदद
अधिकारियों की दखल के बाद मृतक के शव को लेने के लिए निगम के वाहन शनिवार रात 10 बजे पहुंचे। परिजनों का अरोप है कि मृतक को रात में ही शव को दाह संस्कार के लिए ले जा रहे थे। परिजनों ने इसका विरोध किया। बाद में राजस्थान पत्रिका की मदद के बाद और अधिकारियों के निर्देश पर शव को रविवार सुबह अस्पताल से ले जाया गया।

अव्यवस्था : सिर्फ दो वाहन, दो भागे
कोविड मरीजों की मौत के बाद शव को अस्पताल से श्मशान तक लाने के लिए नगर निगम के पास सिर्फ दो ही वाहन है। मौत अधिक होने पर परिजनों को लंबा इंतजार ही करना पड़ रहा है। प्रशासन ने परेशानी समझते हुए दो अतिरिक्त वाहन अनुबंध पर लगाए, लेकिन निगम की ओर से भुगतान नहीं होने पर चालक वाहन को भगा ले गए।

कलक्टर बोले, वाहनों की संख्या बढ़ा रहे हैं
निगम के पास वाहन कम हैं। दो अतिरिक्त वाहन दिए थे, जिसके चालक भाग गए। आरटीओ उन वाहन चालकों पर कार्रवाई कर रहे हैं। दो वाहन की और व्यवस्था कर रहे हैं। मेरे पास भी फोन आया था, संबंधित अधिकारी को प्रकिया पूरी करने के लिए निर्देश दिए थे।
अंतर सिंह नेहरा, कलक्टर जयपुर

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