'रक्षा' ने किया बार्न आउल को रेस्क्यू


मिला दुर्लभ प्रजाति का बार्न आउल
रक्षा के सदस्यों ने किया रेस्क्यू
बार्न आउल को कहा जाता है लव बर्ड
दिल के आकार का होता है इसका चेहरा

By: Rakhi Hajela

Updated: 29 Jun 2020, 02:54 PM IST

दुर्लभ प्रजाति का बार्न आउल पत्रकार कालोनी में मिला है। वन्यजीव संरक्षण के लिए कार्यरत संस्था रक्षा के सदस्यों ने इसे रेस्क्यू किया। चोटिल हालत में मिले उल्लू को उपचार के लिए रक्षा के कार्यकर्ता अपने साथ ले गए। इसे जयपुर चिडिय़ाघर

को सुपुर्द किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक पत्रकार कॉलोनी में एक होटल के पास स्थित दुकान में यह उल्लू घायल अवस्था में पहुंचा था जिसे देखकर पत्रकार कॉलोनी विकास समिति के अध्यक्ष अजय शुक्ला ने इसकी सूचना वन्यजीव सरंक्षण के लिए कार्यरत संस्था रक्षा को दी। घायल होने के कारण वह उड़ नहीं पा रहा था, वहीं मौके पर मौजूद श्वान भी इसकी जान के दुश्मन बन गए थे। एेसे में शुक्ला ने अपनी खाली पड़ी दुकान में रख लिया जिससे आवारा श्वानों से इसे बचाया जा सके। उल्लू घायल अवस्था में था और काफी घबराया हुआ भी लग रहा था। दुकान में जाते ही वह छिपने के लिए बड़ी तेजी से जमीन में मिट्टी खोद कर गड्डा करने लगा। रात तकरीबन दस बजे रक्षा के सदस्यों ने आकर इसे रेस्क्यू किया। मौके पर पहुंचे टीम रक्षा के जॉय ने घायल अवस्था में इसे रेस्क्यू किया। रक्षा के जॉय ने बताया कि उल्लू की हालात काफी खराब थी। इसे देखकर ही लग रहा था कि इसका एक पंख टूट गया है। देखकर लग रहा है कि मांझे या किसी धारदार चीज से इसके पंख कटे हैं। अब यह भविष्य में शायद ही कभी उड़ान भर सकेगा। उन्होंने कहा कि उल्लू को चिडिय़ाघर के सुपुर्द किया जाएगा जिससे इसकी देखभाल की जा सके।

अंधेरी और शांत जगह तलाशता है बार्न आउल

आपको बता दें कि दिन में आराम के लिए बार्न उल्लू अंधेरी और शांत जगह तलाशता है। इसे लव बर्ड भी कहते हैं। बार्न आउल का फेस दिल के आकार का होता है। यह काफी शर्मीला होता है। दुर्लभ प्रजाति का बार्न उल्लू पूरे विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में मिलता है। भारत में अधिकांश तौर पर पठारी, हिमालयी क्षेत्र में मिलता है, लेकिन कई बार दूसरे हिस्सों में भी देखा जाता है। इसे भारत में इंडियन बार्न उल्लू और सफेद उल्लू के नाम से जाना जाता है। कच्छ का रण, बीकानेर समेत अन्य हिस्सों में भी देखा जाता है। इनकी संख्या को लेकर निश्चित आंकड़ा नहीं है, लेकिन दुर्लभ उल्लू की श्रेणी में इसे शामिल किया गया है।
रात में करता है शिकार
बार्न उल्लू की खासियत है वह काफी ज्यादा सुंदर होता है। उसका मुंह दिल के आकार का होता है, जबकि रंग मटमैला और हल्का भूरा होता है। शरीर पर हल्के काले छींटे होते हैं। यह रात में शिकार करता है। जबकि दिन में आराम करना पसंद है। इसकी लंबाई 39 सेमी तक होती है। जबकि उड़ाने के समय यह 95 सेमी तक होता है।

Rakhi Hajela Desk
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