फिर उठी नशाखोर बच्चों के लिए अलग होम बनाने की मांग

बाल कल्याण समिति ने तैयार किया प्रस्ताव

By: Teena Bairagi

Published: 14 May 2018, 09:52 AM IST

फिर उठी नशाखोर बच्चों के लिए अलग होम बनाने की मांग
—बाल कल्याण समिति ने तैयार किया प्रस्ताव
जयपुर
सड़कों पर घुम रहे ऐसे मासूम बच्चे जो नशे की लत में डूबे हुए है उन्हें सुधारने के लिए बाल कल्याण समिति ने एक बार फिर ऐसे बच्चों के लिए अलग से होम बनाने की मांग उठाई है। समिति ने एक प्रस्ताव तैयार कर सरकार को ऐसे बच्चों के लिए होम की अनिवार्यता पर जोर दिया है। समिति ने कहा कि जब भी कोई भटकता हुआ बच्चा समिति के पास लाया जाता है उसकी जब काउंसलिंग की जाती है तो अधिकतर बच्चे नशे की हालत में पाए जाते है। ऐसे में समस्या हर बार एक ही होती है इन बच्चों को कहा रखें। अस्थायी रुप से एक या दो दिन तक तो इन्हें निराश्रित बच्चों के साथ रखते है लेकिन फिर इन्हें छोड़ दिया जाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह है इन बच्चों की नशे की आदत। इसके चलते ये बच्चे सामान्य बच्चों के साथ नहीं रह सकते है। यदि ऐसे बच्चों के लिए अलग से कोई होम होगा तो इन्हें सुधारने के लिए वक्त मिल सकेगा और गृह के भीतर ही इनके लिए विशेष व्यवस्थाएं जुटाई जा सकेगी।

सड़कों पर होेते है एक दिन में करीब 400 बच्चे—
बाल कल्याण समिति की मानें तो अभियान के दौरान पाया कि सड़कों पर तकरीबन 400 बच्चे एक दिन में भटकते है इनमें ज्यादातर बच्चे भिक्षावृत्ति में लिप्त है। जो नशे की आदत में भी पड़े है। ऐसे में इन्हें सुधारने के लिए अलग से होम होना बेहद जरुरी है।

भेजा है प्रस्ताव—
सरकार को एक प्रस्ताव भेजा है जिसमें 10—10 बच्चों को रखने की सुविधायुक्त बाल गृह बनाए जाने की मांग की है। समिति ने सरकार को भेजे गए इस प्रस्ताव में इन बाल गृहों में इन मासूमों के इलाज की पूरी व्यवस्था करने की मांग भी रखी है। समिति की मानें तो इस संबंध में कुछ एनजीओं से भी बात की गई है। यदि कोई एनजीओ इस तरह के बाल गृह खोलने में आगे आते है तो इन मासूमों को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने में मदद मिल सकेगी।

नरेंद्र सिखवाल, अध्यक्ष
बाल कल्याण समिति जयपुर

Teena Bairagi Reporting
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