शिक्षा निदेशक सौरभ स्वामी के खिलाफ एसओजी जांच की मांग


राजस्थान शिक्षक एवं पंचायतीराज कर्मचारी संघ ने निदेशक पर लगाए गंभीर आरोप
सौरभ स्वामी को निदेशक बनाने को बताया सरकार की भूल

By: Rakhi Hajela

Published: 30 Jan 2021, 09:29 PM IST

शिक्षा निदेशक सौरभ स्वामी (Director of Education Saurabh Swamy) को हटाने को लेकर राजस्थान शिक्षक एवं पंचायतीराज कर्मचारी संघ (Rajasthan Teachers and Panchayati Raj Employees Association) के जैसलमेर जिला अध्यक्ष जसवंत सिंह भाटी (Jaisalmer District President Jaswant Singh Bhati) और प्रदेश मंत्री प्रकाश विश्नोई (State Minister Prakash Vishnoi ) के नेतृत्व में जैसलमेर जिला कलेक्टर आशीष मोदी (Jaisalmer District Collector Ashish Modi ) को मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री (Chief Minister and Education Minister) के नाम ज्ञापन सौंपा गया। संघ के जिलाध्यक्ष जसवंत सिंह भाटी ने कहा कि राज्य में लगभग 66044 सरकारी विद्यालय () हैं, जिनमें 43,8000 शिक्षा कर्मचारी और एक करोड़ विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, इनमें अभिभावकों और निजी विद्यालय के नामांकन जोड़ा जाए तो यह राजस्थान की कुल जनसंख्या का एक तिहाई भाग है। और आबादी के तिहाई जनता से जुड़े शिक्षा का मुखिया का पद हरियाणा के 28 वर्षीय युवक सौरभ स्वामी के हाथ में सौंप देना, न्याय संगत नहीं कहा जा सकता है। शिक्षा जैसा विभाग बहुत अनुभवी और राजस्थान की संस्कृति और संस्कार में पले हुए व्यक्ति को ही दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि स्वामी ने हर मोड़ पर सरकार की किरकिरी की है, पूर्व में उर्दू शिक्षकों के प्रकरण को लेकर,फिर चतुर्थ श्रेणी से लेकर के प्रिंसिपल तक की प्रतिनियक्ति पावर को अपने कब्जे में लेकर लोकतंत्र का राजतंत्रीय नायक बन कर बैठे हैं।
संगठन ने मांग की कि यह राज्य की एक तिहाई जनता से जुड़ा हुआ मामला है अत: शिक्षा विभाग में क्षेत्र के हिसाब से जिले बांटकर 3 निदेशक बैठाया जाए जिसमें बीकानेर जोधपुर और जयपुर को निदेशालय मुख्यालय बनाया जाए। ताकि राज्य भर के प्राध्यापको ंआदि सभी शिक्षकों को केवल बीकानेर के चक्कर न काटने पड़े। बाड़मेर और डूंगरपुर से बीकानेर की दूरी अधिक है, बाड़मेर के कुछ साथी हैं जिन्होंने अपने जीवन में 3 बार मक्का मदीना की यात्रा कर ली, परन्तु अपनी सेवानिवृत्ति तक बीकानेर की यात्रा न कर पाए और अब बुढ़ापे में चक्कर काट रहे हैं।
भाटी ने आरोप लगाया कि स्वामी का व्यवहार राज चरित्र के अनुकूल नहीं है,वह इंजीनियरिग फील्ड से हैं अत: शिक्षा जैसे संस्कारवान मिशन से हटाकर किसी प्रोजेक्ट में लगाकर मानवीय जीवन का अनुभव दिया जाए। संगठन ने निदेशक पर आरोप लगाया कि उन्होंने तबादलों में बड़े घपले किए हैं इसलिए उनकी एसओजी से जांच करवाई जाए।

Rakhi Hajela Desk
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