पशु चिकित्सा सेवाओं को आवश्यक सेवाओं में शामिल करने की मांग


मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

By: Rakhi Hajela

Updated: 18 Apr 2021, 06:19 PM IST



जयपुर, 18 अप्रेल
राजस्थान पशु चिकित्सा कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री (CHief minister )को ज्ञापन भेजकर पशु चिकित्सा सेवाओं (veterinary services) को आवश्यक सेवाओं में शामिल किए जाने की मांग की है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष अजय सैनी ने मुख्यमंत्री को लिखा कि हाल ही में 16 अप्रैल को प्रदेश सरकार की ओर से जारी की गई गाइडलाइंस में दो दिवसीय वीकेंड लॉक डाउन (Weekend lockdown) में पशु चिकित्सा सेवाओं (veterinary services) को आवश्यक सेवाओं में शामिल नहीं किया गया है, जबकि सभी पशु चिकित्सा संस्थाएं (Veterinary institutions) नियमित रूप खुल रही हैं तथा कोरोना से संक्रमण के बचाव के संसाधनों के अभाव के बाद भी पशु चिकित्सा, कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण सहित सभी प्रकार की सेवाएं प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय द्वारा पशु चिकित्सा सेवाओं को असेंशियल सर्विसेज की श्रेणी में शामिल किया गया है। गत वर्ष लॉकडाउन के दौरान भी केंद्र सरकार तथा राजस्थान सरकार ने जारी गाइड लाइन में पशु चिकित्सा सेवाओं को आवश्यक सेवाओं की श्रेणी में शामिल करते हुए लॉकडाउन के दौरान सेवाएं नियमित रखी थीं। पशुपालन विभाग के सभी कार्मिकों ने कोविड 19 के कारण लगे लॉकडाउन तथा अन्य आपात स्थितियों में भी हमेशा फ्रंट लाइन वर्कर के रूप में कार्य किया है। सैनी ने विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि कोविड के लगातार बढ़ते संक्रमण के बीच पशुपालन विभाग पशु चिकित्सा कार्मिकों का जीवन खतरे में डाल रहा है। कार्मिकों का वैक्सीनेशन तक नहीं हुआ है और तो और संक्रमण से बचाव के लिए उन्हें अब तक पीपीई किट, सेनेटाइजर, एप्रेन,डिस्इन्फेक्टेड तक उपलब्ध नहीं करवाया गया है। उन्होंने कहा कि संघ की ओर से बार बार मांग किए जाने के बाद कार्मिकों के परिचय पत्र नहीं बनाए गए हैं। कफ्र्यू के कारण संस्थाओं तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

Rakhi Hajela Desk
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