मांगें नहीं मानी तो एक नवंबर से बड़ा आंदोलन : बैंसला

भरतपुर में गुर्जर आरक्षण सहित अन्य मांगों को लेकर शनिवार को हुई महापंचायत ( Gujjar Mahapanchayat ) में गुर्जर समुदाय ने चेतावनी ( Warning ) दी है कि उनकी मांगें नहीं मानी गईं ( Demands Not Met ) तो एक नवंबर ( 01 November ) से बड़ा आंदोलन ( Big Movement ) शुरू किया जाएगा। ( Jaipur News )

By: sanjay kaushik

Updated: 18 Oct 2020, 12:53 AM IST

-गुर्जर महापंचायत में समाज की सहमति से हुआ निर्णय

-गुर्जर समाज ने दी आंदोलन की चेतावनी

भरतपुर। भरतपुर जिले के बयाना तहसील के अड्डा गांव में गुर्जर आरक्षण सहित अन्य मांगों को लेकर शनिवार को हुई महापंचायत ( Gujjar Mahapanchayat ) में गुर्जर समुदाय ने चेतावनी ( Warning ) दी है कि उनकी मांगें नहीं मानी गईं ( Demands Not Met ) तो एक नवंबर ( 01 November ) से बड़ा आंदोलन ( Big Movement ) शुरू किया जाएगा। ( Jaipur News ) गुर्जर नेता किरोड़ीसिंह बैंसला ने महापंचायत में स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार ने राजस्थान में गुर्जरों सहित पांच अन्य पिछड़े वर्गों (एमबीसी) को दिए गए पांच प्रतिशत आरक्षण को संवैधानिक संरक्षण न दिया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। महापंचायत के बाद सभी गुर्जर नेता घर लौट गए।

-मांगें ये भी...

इस मांग के अलावा महापंचायत में इससे पहले के आंदोलन के दौरान शहीद हुए लोगों को नौकरी और मुआवजा देने, गुर्जरों के लिए लागू देवनारायण योजना को सही तरीके से लागू करने और गुर्जर आंदोलनकारियों पर दर्ज मामले वापस लेने की भी मांग की गई।

-अभी फसल कटाई का समय...

गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ीसिंह बैंसला ने कहा कि समाज का युवा वर्ग तैयार है, लेकिन इस समय फसल कटाई का समय है, इसलिए अब आंदोलन एक नवंबर से वापस शुरू होगा और पूरे प्रदेश में आंदोलन होगा। बैंसला ने इससे पहले मंच से आंदोलन शुरू करने को लेकर चर्चा की और सहमति मांगी। जिस पर फसल कटाई का समय होना बताया। इस पर कर्नल ने वार्ता करने के बाद आंदोलन का आगाज एक नवंबर से शुरू करने का एलान किया। इससे पहले महापंचायत को कर्नल के पुत्र विजय बैंसला, कैप्टन हरप्रसाद, कैप्टन जगप्रसाद, अतर सिंह एडवोकेट, भूरा भगत, राजाराम अड्डा व पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह के पुत्र अनिरुद्ध सिंह ने संबोधित किया।

-अनिरुद्ध पहले जाट नेता जो संघर्ष में साथ आए

कर्नल के पुत्र विजय बैंसला ने कहा कि अनिरुद्ध सिंह पहले जाट नेता हैं, जो समाज के संघर्ष में साथ में खड़े हैं। जिस पर बाद में सिंह ने बताया कि उनके पिता विश्वेंद्र सिंह का यहां पर नहीं आने की वजह पूर्व के आंदोलन में उनकी मौजदूगी में हुए समझौते की पालना नहीं होना है। ऐसे में वह यहां आकर समाज को क्या कहते।


-छावनी बना रहा इलाका

महापंचायत के चलते सुबह से बयाना उपखंड मुख्यालय पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में पुलिस बल व आरएसी, एसटीएफ के जवान शेरगढ़, समोगर, धाधरैन समेत अन्य प्रमुख मार्गों पर तैनात दिखे। वहीं, वरिष्ठ आईएएस नीरज के. पवन, जिला कलेक्टर नथमल डिडेल, एसपी डॉ.अमनदीप सिंह कपूर अन्य अधिकारी डाक बंगला से महापंचायत पर नजर बनाए हुए थे। गौरतलब है कि शुक्रवार रात बारह बजे से पूरे सवाईमाधोपुर जिले और भरतपुर के कई इलाकों में 24 घंटों के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं थी।

sanjay kaushik Incharge
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