विभाग के आदेश, खुली रहेंगी पशु चिकित्सा संस्थाएं लेकिन कैसे ?


आवश्यक सेवा में शामिल नहीं है पशु चिकित्सा सेवा
फील्ड वर्कर्स की परेशानी बढ़ी
बिना परिचय पत्र अथवा पास पशु चिकित्सा संस्थान कैसे पहुंचेंगे कार्मिक ?
अब तक नहीं हुआ वैक्सीनेशन
देर रात जारी किए गए आदेश
कल दिन भर परेशान होते रहे कार्मिक
पशु चिकित्सा सेवा को आवश्यक सेवा में शामिल करने की मांग

By: Rakhi Hajela

Updated: 20 Apr 2021, 09:23 AM IST



जयपुर, 20 अप्रेल
राज्य सरकार ने जन अनुशासन पखवाड़े के रूप में प्रदेश में Curfew लगाते हुए आवश्यक सेवाओं में शामिल विभागों को खुला रखने और अन्य सभी सरकारी कार्यालयों को बंद करने के आदेश दिए हैं लेकिन प्रदेश के पशुपालन विभाग (Animal husbandry) के अधिकारी अपने स्तर पर ही आदेश निकाल रहे हैं। राज्य सरकार की कोविड गाइडलाइन (Covid guideline) में पशु चिकित्सा सेवा को असेंशिएयल सेवा (Essential Service) में शामिल नहीं किया गया है लेकिन विभाग ने पशु चिकित्सा संस्थानों (Veterinary institutions) को खोले जाने के आदेश जारी कर दिए। आदेश जारी भी किए गए तो देर रात। इससे पूर्व सोमवार को प्रदेश भर के पशु चिकित्सा संस्थानों (Veterinary institutions) के कार्मिक परेशान होते रहे। विभाग ने उन्हें संस्थानों को खोले जाने या बंद रखने के संबंध में कोई निर्देश नहीं दिए। मुख्यालय के उच्चाधिकारियों ने अपने मोबाइल बंद कर लिए फिर देर रात आदेश जारी कर दिए कि सभी पशु चिकित्सा संस्थानों (Veterinary institutions) को पूर्व की तरह ही खोला जाए। आदेशों में कहा गया कि सभी संस्थाएं पूर्व की तरह कार्य करेंगी। कोई अवकाश नहीं दिया जाएगा। कार्यस्थल पर समय से उपस्थित नहीं होने पर कार्मिक पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
फील्ड स्टाफ की परेशानी बढ़ी
विभाग के इन निर्देशों ने फील्ड में काम करने वाले कार्मिकों की परेशानी को बढ़ा दिया है। एफएमडी अभियान के तहत पशुओं का टीकाकरण करने वाले इन कार्मिकों के साथ आए दिन पशुपालक मारपीट करते हैं क्योंकि इन कार्मिकों के पास विभाग का परिचय पत्र नहीं हैं। कार्मिक लंबे समय से परिचय पत्र की मांग कर रहे हैं। अब Curfew में बिना परिचय पत्र संस्थान तक जाना भी मुश्किल से कम नहीं है। कार्मिकों का कहना है कि अब उन्हें रास्ते में पुलिस से जूझना होगा और अपने काम पर नहीं जाते तो विभाग वेतन काटेगा।
आवश्यक सेवा में किया जाए शामिल
कार्मिकों का कहना है कि उन्हें आवश्यक सेवा (Essential Service) में शामिल किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि पशु चिकित्सा सेवा पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय की असेंशियल सर्विसेज (Essential Services) की श्रेणी में शामिल है लेकिन राज्य सरकार ने रविवार रात जो गाइडलाइन जारी की है , उसमें आवश्यक सेवाओं की श्रेणी में पशु चिकित्सा सेवा नहीं है। विभाग के जैसलमेर कार्यालय में कार्यरत एक पशु चिकित्सा अधिकारी की मृत्यु पिछले दिनों कोविड से ड्यूटी के दौरान हो चुकी है लेकिन उसके परिवार को सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक 50 लाख रुपए की राशि का मुआवजा नहीं मिल सका क्योंकि सरकार ने पशु चिकित्सा सेवा (Veterinary institution) को आवश्यक सेवा में शामिल नहीं किया। लॉकडाउन में पशु चिकित्सा सेवाओं (Veterinary institutions) को राज्य सरकार ने आवश्यक सेवा (Essential Service) में शामिल किया था लेकिन इस बार एेसा नहीं किया गया है।
इनका कहना है,
पशु पालन विभाग के कार्मिकों ने लॉकडाउन में भी निरंतर अपनी सेवाएं दी थी और आज भी दे रहे हैं, लेकिन विभाग को इन कार्मिकों के परिचय पत्र बनवाने चाहिए साथ ही उन्हें फ्रंट लाइन वर्कर्स में शामिल करते हुए वैक्सीनेशन करवाना चाहिए। पशु चिकित्सा सेवा को आवश्यक सेवा (Essential Service) में शामिल किया जाना चाहिए। फील्ड में काम करने वाले कार्मिकों के पास न तो परिचय पत्र है और ना ही अन्य सुरक्षा उपकरण जो कोविड के बढ़ते संक्रमण में बेहद जरूरी है।
अजय सैनी,प्रदेशाध्यक्ष
राजस्थान पशु चिकित्सा कर्मचारी संघ।

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