देशी घी के दामों में लगातार गिरावट, फिर भी बाजार में नहीं हो रही बिक्री

देशी घी की कीमते इन दिनों निचले स्तर पर आ गई है। लॉकडाउन के चलते टिनों में घी की डिमांड 10 फ़ीसदी भी नहीं है। लिहाजा लगातार नरमी को देखते हुए कंपनियां भाव घटाकर घी बेच रही हैं...

By: dinesh

Updated: 05 May 2020, 11:27 AM IST

जयपुर। देशी घी की कीमते इन दिनों निचले स्तर पर आ गई है। लॉकडाउन के चलते टिनों में घी की डिमांड 10 फ़ीसदी भी नहीं है। लिहाजा लगातार नरमी को देखते हुए कंपनियां भाव घटाकर घी बेच रही हैं। फिर भी बाजार में बिक्री नहीं हो रही। कृष्णा घी 375 रूपए, धौलपुर फ्रेश 367 रुपए, मधुसूदन 360 रूपए तथा पारस घी 345 रूपए प्रति किलो तक में बिक रहा है।

ब्रोकर दिनेश जाजू ने बताया कि वर्तमान में पारस घी का भाव 5200 रूपए प्रति 15 किलो से भी नीचे चला गया है। इसी प्रकार कृष्णा के भाव थोक में 5625 रूपए प्रति 15 किलो टिन में व्यापार हो रहा है। हालात ये है कि इन भावों पर भी बाजार में बिक्री नहीं है। अलबत्ता 1 लीटर स्मॉल पैकिंग में ही देशी घी की मांग बनी हुई है। भाव काफी नीचे आने के बावजूद कई रिटेल काउंटर ब्रांडेड घी की अधिक कीमत वसूल रहे हैं।


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जयपुर। लॉकडाउन बढ़ने से शहर के अधिकतर व्यापारियों का कपड़ा रास्ते में अटका हुआ है। ऐसे में इन व्यापारियों के सामने कपड़ा बेचने की दिक्कत और खड़ी होने वाली है। क्योंकि जब इन्होंने कपड़ा मंगवाया था उस समय मौसम और था। अब दो महीने बाद जब दुकानें खुलेगी तो स्थिति दूसरी होगी। वहीं नए स्टॉक के बारे में व्यापारियों का कहना है कि जिस तरह का माहौल है ऐसे में नया स्टॉक ऑर्डर करना बेहद मुश्किल है। रेडीमेड गारमेंट के व्यापारी नीरज लुहाड़िया ने बताया कि ऑर्डर वाले कपड़े आने के बाद उनको कम कीमत पर बेचना ही विकल्प है। यदि कुछ महीने उन कपड़ों को और रोक लिया तो कोई खरीदेगा भी नहीं।

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