5 हजार साल पुराने अंबिकेश्वर महादेव मंदिर में "हर हर महादेव" के गूंज रहे जयकारे

कच्छावा वंश के कुल देव हैं अंबिकेश्वर महादेव, 5 हजार साल बाद भी मंदिर में हर हर महादेव के गूंज रहे जयकारे

By: anandi lal

Published: 04 Mar 2019, 07:39 PM IST

जयपुर। महाशिवरात्रि को जहां देशभर के शिवायलयों में बोल बम के जयकारे गूंज रहे हैं। वहीं छोटी काशी के शिवालयों में भी श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता दिखाई दिया। चौड़ा रास्ता स्थित ताड़केश्वर महादेव मंदिर और वैशाली नगर में झाड़खंड महादेव मंदिर में दर्शनों के लिए कतारें लगी रही।

यहां के प्राचीन और अद्भुत मंदिरों में शुमार आमरे के शिवालयों में भोले के जयघोष गूंज रहे हैं। आमेर सागर रोड स्थित अंबिकेश्वर महादेव का मंदिर का इतिहास लगभग 5 हजार साल पूर्व का माना जाता है। अंबिकेश्वर महादेव को कच्छावा वंश का कुल देवता भी मनाया जाता है। इसीलिए महाशिवरात्रि के इस पर्व पर इस वंश से संबंध रखने वाले भक्त दूर-दूर से अंबिकेश्वर महादेव के दर्शन करने आते हैं। अंबिकेश्वर महादेव मंदिर आमेर क्षेत्र का सबसे पुराना मंदिर है।

इस मंदिर में दर्शनों के लिए सुबह 4:00 बजे से ही भक्तों का आना जाना शुरू हो गया, जो देर शाम तक चलता रहा। महाशिवरात्रि के पर्व पर यहां लगभग 5 से 6 हजार श्रद्धालु दर्शन करने को आते हैं। इसी क्रम में एक और प्रसिद्द मंदिर है आमेर के सियाराम बाबा की डूंगरी स्थित घाट वाले महादेव मंदिर, जहां बड़ी संख्या में भक्तों की कतारें देखने को मिली। पहाड़ी पर बने इस मंदिर में पहुंचने के लिए करीब 400 सीढ़ियों का सफर तय करना होता है। इसके अलावा यहां पहुंचने का अतिरिक्त रास्ता नहीं है फिर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिवरात्रि और श्रावण मास में बाबा के दर्शन करने पहुंचते हैं।

anandi lal
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