मन हल्का करने के लिए लिखें

फिलहाल आप बाहर नहीं जा सकते थे तो 'डायरी' के साथ अपने भीतर ही चले जाएं

By: Amit Purohit

Published: 23 Apr 2020, 06:09 PM IST

लॉकडाउन के इस दौर में फिलहाल आप बाहर नहीं जा सकते तो सबसे अच्छा है कि अपने भीतर जाएं और एक डायरी इसमें बहुत मददगार साबित हो सकती है। समय को दर्ज करने के एक औजार के रूप में डायरी का महत्व हमेशा से ही बहुत अधिक रहा है। एक डायरी, एक पर्सनल स्पेस है, जहां आप अपने विचारों, भावनाओं और विचारों को लिख सकते हैं।  यदि आप अभी शुरुआत कर रहे हैं, और तय नहीं कर पा रहे हैं कि आप किस बारे में लिखना चाहते हैं तो जरा भी चिंतित मत होइए, विशेषज्ञ कहते हैं कि निजी डायरी लिखने के लिए सबसे आदर्श स्थिति यही है कि आपको पैन उठाना है और बिना दिमाग पर ज्यादा जोर डाले, इसके सहारे अपने मन को हल्का कर देना है।

शेड्यूल बनाएं
डायरी शुरू करने के लिए आवश्यक है कि आप इसमें बार-बार लिखें, लेकिन यह आप पर निर्भर है कि आप इसमें कितनी बार लिखना चाहते हैं। चाहे वह सप्ताह में एक बार हो या कई बार। ऐसा शेड्यूल बनाएं जिसका आप पालन कर सकें। अपनी डायरी में लिखना कभी भी एक काम या बोझ नहीं होना चाहिए, वास्तव में डायरी लिखने में आपको लुत्फ आना जरूरी है। यहां, आप वह बात लिख सकते हैं जो किसी से नहीं कह सकते। यह आपको सांत्वना दे सकती है। क्रिएटिविटी और परिवर्तन का सबक सिखा सकती है। इसे बोझ न मानें।
जिसमें लुत्फ आए
डायरी में आपकी प्रविष्टियां, कई रूपों में हो सकती हैं। चाहे आप उन चीजों की एक सूची बनाएं, जिन्हें आप अपने भविष्य में पूरा करना चाहते हैं या फिर आज बीते दिन का ही विवरण लिखे। किसी से बातचीत के बारे में लिखना हो तो वह लिखिए, तय करें कि आपको किस चीज में सबसे ज्यादा मजा आता है और वही कीजिए।
लिखने की शैली
कुछ लोग छोटे नोटों में लिखना पसंद करते हैं, अन्य लोग विस्तृत पैराग्राफ में लिखना पसंद करते हैं। अपनी शैली आप खुद निर्धारित कर सकते हैं जो भी आपको आसान लगे। कुछ लोग फस्र्ट पर्सन के रूप में डायरी लिखते हैं वहीं कुछ लोग अलग तरीके से। याद रखिए कि आपका लेखन का तरीका चाहे जैसा हो उसमें बनावटीपन नहीं होना चाहिए, खासतौर पर अपनी निजी डायरी में आप जो भी लिखे, उसमें आपकी अपनी छाप जरूर हो।
बनाएं एक सफर
डायरी में आपकी प्रविष्टियां स्वयं दिनांकित होती हैं, यह अच्छी बात है लेकिन यह भी कोशिश करें कि आपके विचार भी क्रम में हो। ऐसे में आपकी डायरी एक बेहतरीन सफर बन जाएगी। कथ्य कुछ ऐसा रखने का प्रयास करें जिसका आप अनुसरण कर सकते हैं। उन घटनाओं के बारे में लिखने की कोशिश करें, जिस क्रम में वे हुई थीं।
डायरी है दोस्त
आपकी डायरी केवल आपकी आंखों के लिए है, इसलिए खुद के साथ ईमानदार रहें। कुछ भी न छिपाएं या दिल में न रखें। जितना अधिक आप लिखते हैं, उतना ही बेहतर है। किसी की देखादेखी या एक निश्चित तरीके से लिखने की कोशिश मत कीजिए, जैसे मन में आता है, वैसे लिखिए। वास्तव में पर्सनल डायरी लिखने का मतलब है अपने लिए एक दोस्त तैयार करना, जो आपके दिल की हर बात जानता हो।

Amit Purohit Desk
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