स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ अलग अलग मापदंड


स्कूली शिक्षा के विद्यार्थियों को कोविड का खतरा नहीं
महाविद्यालय के छात्र अधिक संवेदनशील

By: Rakhi Hajela

Published: 07 Apr 2021, 06:37 PM IST

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India


जयपुर 7 अप्रेल
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Rajasthan Board of Secondary Education) की ओर से आयोजित होने वाली कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं 6 मई से प्रारंभ होगी। लेकिन इस परीक्षा की बात की जाए तो राज्य सरकार कॉलेज एवं स्कूल शिक्षा (State Govt and School education) के विद्यार्थियों के साथ दोहरा रवैया अपना रही है। राज्य सरकार (State Govt.) ने उच्च शिक्षा में कोविड का हवाला देते हुए कॉलेज विद्यार्थियों को राहत देते हुए परीक्षा का समय तीन घंटे में से एक घंटा कम करके दो घंटे कर दिया है, जबकि राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Rajasthan Board of Secondary Education) की कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों की परीक्षाओं का समय सवा तीन घंटे का है जो कॉलेज परीक्षाओं की तुलना में सवा एक घंटे अधिक है। इतना ही नहीं कॉलेज विद्यार्थियों के लिए परीक्षा अवधि के अनुसार ही पेपर का पूर्णांक होगा एवं किसी भी इकाई में से प्रश्न हल करने की छूट विद्यार्थियों को दी गई है। दूसरी ओर 6 मई शुरु हो रहीं 10वीं एवं 12वीं तथा समकक्ष परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं। इन परीक्षाओं में पूरे राज्य में 21लाख 58 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे लेकिन बोर्ड ने समय में किसी प्रकार की राहत नहीं दी है । राहत के नाम पर केवल परीक्षा प्रश्न पत्र में अथवा के विकल्प कुछ बढ़ा दिए हैं, लेकिन परीक्षा अवधि को लेकर कोई फैसला बोर्ड ने नहीं किया है। बोर्ड परीक्षा में परीक्षा का समय सुबह 8.30 बजे से 11.45 बजे तक रहेगा। बोर्ड परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थियों को प्रश्न पत्र में भी किसी प्रकार की अतिरिक्त राहत की घोषणा नहीं की गई है जो गलत है।
इनका कहना है.
कोरोना काल में कॉलेज शिक्षा के विद्यार्थियों को परीक्षा में किसी भी यूनिट से प्रश्न हल करने और समय मे राहत देना सरकार का अच्छा कदम है, लेकिन स्कूल शिक्षा के विद्यार्थियों को पुराने पैटर्न पर ही परीक्षा देने के निर्देश भेदभाव पूर्ण है। राज्य सरकार को बोर्ड परीक्षा में सम्मलित होने वाले विद्यार्थियों के लिए भी प्रश्नपत्र में प्रश्नों की संख्या कम करते हुए समय को भी कम करना चाहिए जिससे स्कूल विद्यार्थियों को भी राहत मिले।
मोहर सिंह सलावद, प्रदेशाध्यक्ष
शिक्षक संघ एलीमेंट्री सेकेंडरी टीचर एसोसिएशन

उच्च शिक्षा विभाग ने परीक्षा का समय तीन घंटे से कम कर दो घंटे कर दिया है लेकिन बोर्ड ने अब अपने विद्यार्थियों के लिए ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया है। बोर्ड को भी अपने विद्यार्थियों के परीक्षा के समय में कटौती करनी चाहिए। जिससे विद्यार्थियों को राहत मिल सके।

अंजनी कुमार, प्रदेश महामंत्री
राजस्थान प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षक संघ

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