दीपोत्सव पर ऐसा करने से मिलती है कर्ज से मुक्ति

Dipawali Festival 2019 : दीपोत्सव रोशनी के साथ ही सुख और समृद्धि का त्योहार माना जाता है।

 

 

By: Ashish

Published: 27 Oct 2019, 09:00 AM IST

जयपुर
Dipawali Festival 2019 : दीपोत्सव रोशनी के साथ ही सुख और समृद्धि का त्योहार माना जाता है। धनतेरस से दीपोत्सव शुरू हो जाता है। इस त्योहार पर दीपक जलाने से कई धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। अगर दीपोत्सव के दिनों में सही समय, सही जगह पर दीपक जलाया जाए तो धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक दीप प्रज्जवलन से कई महत्वपूर्ण बातें जुड़ी हुई हैं। एक ऐसी ही मान्यता है कि दीपोत्सव में दीपक जलाने ने जहां घर में सुख सम्पत्ति की बनी रहती है। वहीं अकाल मौत होने का भय खत्म होने के साथ ही कर्ज से मुक्ति मिलने के दावे भी धार्मिक मान्यताओं से जुड़े हुए हैं। दीपावली रोशनी का त्योहार है। दस बार 27 अक्टूबर को दीपावली का त्योहार धूमधाल और हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। इस दिन लोग मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए अपने घर और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को दीपों से सजाते हैं। दीपोत्सव में दीपावली के दिन जलाए जाने वाले हर दीपक से खास धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक दीपावली पर अगल अगल स्थानों पर कुल तेरह दीपक जलाने की बात कही जाती है।

मां लक्ष्मी करती हैं धरती पर भ्रमण
दीपावली की रात भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि दीपावली की रात ही माता लक्ष्मी को मनाने के लिए सबसे सही समय होता है। दीपोत्सव से जुड़ी यह मान्यता भी है कि दीपावली की रात मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और अपने भक्तों के घर में वास करती हैं। ऐसे में मां को प्रसन्न के लिए कई जतन किए जाते हैं। जिससे मां लक्ष्मी के आशीर्वाद से जीवन में कभी भी धन वैभव और सुख-समृद्धि की कमी नहीं हो।

अकाल मौत का भय होता है खत्म
आपको बता दें कि दीपोत्सव पर सबसे पहला दीपक धनतेरस के दिन जलाना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि जिस भी घर में यमराज के निमित्त यह दीपदान किया जाता है, उस घर में परिवार के सदस्यों की अकाल मौत होने का भय नहीं रहता है। ऐसे में इस मान्यता के मुताबिक धनतेरस के दिन शाम को घर के मेन गेट और घर के अंदर 13 दीप जलाने चाहिए। लेकिन इस दौरान यह भी ध्यान देना चाहिए कि यम के नाम का दीपक घर के सभी सदस्यों के लौटने के बाद सोते समय ही जलाना चाहिए। इतना ही नहीं, इस बात का भी खयाल रखना चाहिए कि जो दीपक जलाया जा रहा है वो नया नहीं होकर पुराना हो। इस दीपक में सरसों का तेल डालकर उसे घर से बाहर दक्षिण की ओर मुख करके कूड़े के ढेर के पास रख दिया जाता है।

तुलसी, मंदिर में जलाएं दीया
दीप जलाने की मान्यता के मुताबिक दीपावली की रात एक दीपक लक्ष्मी पूजन के दौरान जलाना चाहिए। जबकि एक दीपक तुलसी के पास जलाना चाहिए। एक दीपक घर के दरवाजे के बाहर जलाने से भी घर में सुख शांति बनी रहती है। इस दिन एक दीपक पीपल के पेड़ के नीचे भी जरूर रखना चाहिए। घर के पास बने किसी मंदिर में जाकर भी दीप जलाना चाहिए। इसके साथ ही घर में कचरा रखने वाले स्थान पर जलाकर रखना चाहिए। इसके साथ ही घर के बाथरूम और घर की छत की मुंडेर पर भी दीपक जलाकर उसे रोशन करना चाहिए। घर की खिड़की, घर की छत के साथ ही घर के पास बने किसी चौराहे पर भी जाकर दीया जलाना चाहिए।

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