पर्यावरण एवं जलवायु निदेशालय होगा वेटलैंड ऑथोरिटी का सचिवालय


वेटलैंड की मौजूदा जमीनी स्थिति के आधार पर चिह्नित कर सभी कार्य समयबद्ध रूप से कराएं: वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री
प्रथम चरण में चिह्नित 6 वेटलैंड के अतिरिक्त प्रदेश में 52 वेटलैंड का चिह्निकरण होगा
स्टेट वेटलैंड ऑथोरिटी की दूसरी बैठक आयोजित

By: Rakhi Hajela

Published: 15 Sep 2020, 07:28 PM IST


पर्यावरण एवं जलवायु निदेशालय वेटलैंड ऑथोरिटी का सचिवालय होगा तथा जिला स्तर पर जिला पर्यावरण समितियों के माध्यम से वेटलेण्ड सम्बंधी कार्यो का सम्पादन कराया जाएगा। वन और पर्यावरण मंत्री सुखराम विश्नोई ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। ं प्रथम चरण में चिह्नित 6 वेटलैंड के अतिरिक्त प्रदेश में 52 वेटलैंड का चिह्निकरण कराया जाकर समयबद्ध प्लान तैयार किए जाने का निर्णय भी लिया गया। मंगलवार को शासन सचिवालय में आयोजित स्टेट वेटलैंड ऑथोरिटी की दूसरी बैठक में उन्होंने कहा कि प्रदेश के गांव और शहरों में वेटलैंड पर कहीं भी अतिक्रमण नहीं हो इसके लिए विशेष निगरानी के साथ उसके संरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि एेसी जमीन पर डाली जाने वाली वेस्ट पर कड़ी निगरानी रखी जाए, ताकि पक्षियों के साथ.साथ मानव समाज के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़े।

चलाए जाएंगे संरक्षण कार्यक्रम
उन्होंने कहा कि वेटलेण्ड संरक्षण की महत्ती आवश्यकता के साथ जल संरक्षण सहित अन्य कार्यक्रम चलाये जाये। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वेटलेण्ड के विकास में सहभागिता निभाने वाले सम्बंधित विभागों के अधिकारियों को कार्य योजना बनाकर निश्चित समय सीमा में कार्य करना होगा। उनका कहना था कि प्रदेश में वेटलैंड मौजूदा अतिक्रमण, भू उपयोग एवं आवंटन इत्यादि की जमीनी स्थिति के आधार चिह्नित किया जाए और सभी निश्चित कार्य समयबद्ध रूप से कराए जाएं। उन्होंने सांभर झील में अवैध पंम्प सेटो के संचालन पर नाराजगी जाहिर करते हुए कार्यवाही करने के निर्देश दिए
बैठक में मुख्य सचिव राजीव स्वरूप ने वर्तमान परिस्थिति में पर्यावरण के बढ़ते हुए महत्व तथा सतत विकास के लिए पर्यावरण विकास पर ठोस कार्य करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इस क्रम में संबधिंत विभाग अपने.अपने दायित्व का कार्य योजना बनाकर समय पर निर्वहन करें। वन एवं पर्यावरण विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रेया गुहा ने बताया कि स्टेट वेटलेण्ड ऑथोरिटी बैठक में निर्णय लिए गए कि पर्यावरण एवं जलवायु निदेशालय वेटलैंड ऑथोरिटी का सचिवालय होगा तथा जिला स्तर पर जिला पर्यावरण समितियों के माध्यम से वेटलेण्ड सम्बंधी कार्यो का सम्पादन कराया जाएगा। वेटलैंड रूल्स में प्रतिबन्धित गतिविधियों को दृष्टिगत रखकर उचित वातावरण एवं संरक्षण किया जाएगा तथा जलाशयों में सर्विज, औद्योगिक अपशिष्ट, एवं ठोस अपशिष्ट नहीं डाले जाने की ठोस कार्यवाही की जाएगी। इस अवसर पर वेटलैंड सम्बंधी कार्य कलापों के सम्पादन के लिए के लिए राशि की मांग को स्वीकृति दी गई।

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास पंचायती राज रोहित कुमार सिंह, कृषि विभाग के प्रमुख शासन सचिव कुंजी लाल मीणा, प्रमुख शासन सचिव राजस्व उपनिवेशन आनन्द कुमार, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिक विभाग के प्रमुख शासन सचिव राजेश यादव सहित उद्योग, खनिज, जलसंसाधन, पर्यावरण, प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के उच्च अधिकारियों के साथ अन्य विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे।

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