बोर्ड ​परीक्षाओं से पहले अभिभावकों,शिक्षकों और परीक्षार्थियों के मन को सताने लगी चिंता, डर कहीं ना हो जाए कोरोना विस्फोट!

अभिभावकों, शिक्षकों और परीक्षार्थियों में परीक्षा की चिंता के साथ कोरोना का भय

By: santosh

Published: 17 Jun 2020, 11:28 AM IST



जयपुर
कोरोना संक्रमण के फैलने पर अभी तक ब्रेक नहीं लगा है। प्रदेश के जिलों में रोजाना नए नए कोरोना संक्रमण के केस सामने आ रहे हैं। राजस्थान का शायद ही ऐसा कोई जिला रहा होगा जो कोरोना वायरस से अछूता रह गया हो। लेकिन इसी फैलते कोरोना संक्रमण के भय के बीच बोर्ड के लाखों विद्यार्थी कल से बोर्ड की परीक्षाएं देंगे। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं व 12वीं की शेष रही परीक्षाएं 18 जून यानि कल से वापस शुरू होने जा रही है। लेकिन फैलते कोरोना संक्रमण के बीच लाखों विद्यार्थियों की परीक्षा शुरू होने से अभिभावकों,शिक्षकों और परीक्षार्थियों के मन में दोहरी चिंता सताने लगी है। पहली चिंता तो परीक्षा को लेकर है जो हमेशा बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर होती है और इस बार दूसरी चिंता कोरोना संक्रमण को लेकर सताने लगी हैं। सभी चिंता है कि परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा के लिए आने जानेे वाले परीक्षार्थियों,अभिभावाकों और शिक्षकों की लाखों की भीड़ के कारण कहीं कोरोना विस्फोट नहीं हो जाए!
20 लाख 58 हजार परीक्षार्थी पंजीकृत
10वीं व 12वीं की परीक्षाओं के लिए प्रदेश के कुल 20 लाख 58 हजार परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। हालांकि कल से शुरू हो रही परीक्षाओं में सभी परीक्षार्थी एक साथ परीक्षा नहीं देंगे। 12 दिन चलने वाली इन शेष परीक्षाओं में 12वीं में एक साथ अधिकतम 2 लाख परीक्षार्थी ही परीक्षा देंगे। लेकिन चिंता की बात यह है कि 10वीं कक्षा की दो मुख्य परीक्षाओं में प्रत्येक दिन 11 लाख 35 हजार परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इसलिए कक्षा 10वीं की शेष परीक्षाएं आयोजित करवाना बड़ी चुनौती रहेगी। 10वीं के दो बड़े पेपर गणित और सामाजिक विज्ञान की परीक्षा होना शेष हैं। दोनों में ही पंजीकृत सभी 11 लाख 35 हजार विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठना है। सामाजिक विज्ञान का पेपर 29 को और गणित का पेपर 30 जून को होगा। हालांकि बोर्ड ने परीक्षा केंद्र बढ़ा दिए हैं। प्रदेश में अब कुल 6 हजार 206 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा होगी। पूर्व में 5 हजार 685 केंद्रों पर परीक्षा हुई थी। कोरोना से बचाव के लिए शिक्षा विभाग ने व्यवस्थाओं में कई बदलाव किए हैं। परीक्षा केन्द्र पर सेनेटाइज,मास्क पहनने से लेकर सोशल डिस्टेंस की व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर 40 प्रतिशत कम परीक्षार्थी बैठेंगे। लेकिन इन सबके बीच नियमों की पालना करवाकर परीक्षाएं करवाना शिक्षकों के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। 12वीं में बोर्ड परीक्षा के लिए 8 लाख 67 हजार विद्यार्थी पंजीकृत है। इनमें भी कला वर्ग में सबसे ज्यादा कुल 5 लाख 90 हजार 923 परीक्षार्थी पंजीकृत है, लेकिन अब जो पेपर शेष हैं, उनमें यह सभी 5 लाख विद्यार्थी एक साथ प्रविष्ट नहीं होंगे। लेकिन 10वीं में परीक्षार्थियों की अधिक भीड़ रहने के कारण अभिभावकों, शिक्षकों और परीक्षार्थियों के मन में भय बना हुआ हैं। अभिभावकों का कहना है कि एक तो परीक्षा की चिंता उन्हें सता रही है और दूसरा कोरोना संक्रमण की।
-हिमांशु शर्मा

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