आर्किड नर्सरी की जमीन का अन्य उपयोग नहीं करें , सभी अतिक्रमण हटाए जेडीए

आर्किड नर्सरी की जमीन का अन्य उपयोग नहीं करें,सभी अतिक्रमण हटाए जेडीए

जयपुर।

राजस्थान उच्च न्यायालय ने अजमेर रोड पर किंग्स रोड और गोपालपुरा बाइपास पर राजस्व ग्राम सुशीलपुरा में आर्किड नर्सरी के लिए आरक्षित जमीन से अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए हैं। न्यायालय ने याचिका के लंबित रहने तक जमीन का किसी अन्य तरह के उपयोग करने पर रोक लगा दी।

याचिकाकर्ता राजेश बागड़ा के अधिवक्ता भरत व्यास ने बताया कि अजमेर रोड पर किंग्स रोड और गोपालपुरा बाइपास पर नर्सरी की २३ बीघा तीन बिस्वा जमीन है। खातेदार शकुतंला अजमेरा की जमीन यूआईटी जयपुर ने अवाप्त की थी जिसका अवार्ड भी 1989 में हो गया। राजस्थान उच्च न्यायालय ने अगस्त 2005 अवाप्ति को सही ठहराते हुए खातेदार को अवाप्ति से मुक्त करने के लिए सरकार को प्रतिवेदन देने की छूट भी दी थी। अधिवक्ता व्यास ने कहा कि मास्टर प्लान २०११ और २०२५ में इस जमीन को नर्सरी का ही बताया गया है। गुलाब कोठारी बनाम राज्य सरकार के मामले में दिए आदेश के अनुसार मास्टर प्लान के विपरीत जमीन का अन्य उपयोग नहीं हो सकता। जमीन पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण हो गए। जमीन का व्यवसायिक उपयोग किया जाने लगा है जिस पर र न्यायाधीश संगीत लोढ़ा और न्यायाधीश महेन्द्र कुमार गोयल ने नर्सरी के लिए आरक्षित जमीन का याचिका के लंबित रहने तक अन्य कोई उपयोग करने पर रोक लगा दी। इसी के साथ जमीन पर अतिक्रमण करके हुए अवैध निर्माणों को कानूनी तरीके से हटाने के निर्देश दिए हैं।

manoj sharma
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