छोकरी शब्द अमर्यादित, पाठ्यक्रम में इस्तेमाल न हो

पहली कक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीइआरटी) की हिन्दी की पुस्तक में 'छोकरी' शब्द के इस्तेमाल पर राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने स्वप्रेरणा से प्रसंज्ञान लिया है।

By: santosh

Published: 24 May 2021, 12:38 PM IST

जयपुर। पहली कक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीइआरटी) की हिन्दी की पुस्तक में 'छोकरी' शब्द के इस्तेमाल पर राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने स्वप्रेरणा से प्रसंज्ञान लिया है। आयोग ने एनसीइआरटी को भेजे नोटिस में 'छोकरी' व बालश्रम बढ़ाने वाले शब्दों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई कर 25 दिन में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

एनसीइआरटी निदेशक को भेजे पत्र में आयोग के सदस्य सचिव ने कहा है कि रिमझिम पुस्तक की 'आम की टोकरी' कविता में छोकरी शब्द का इस्तेमाल किया गया है, जो अमर्यादित है। आयोग अध्यक्ष व सदस्यों ने 'फलों का टोकरा लेकर निकली 6 साल की लड़की' के लिए 'छोकरी' शब्द के इस्तेमाल को आपत्तिजनक माना है। देश के कई इलाकों में इस शब्द को सही नहीं माना जाता है। इस कविता को आपत्तिजनक बताते हुए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को भी सूचना भेजी है।

दो पंक्तियां बालश्रम बढ़ाने वाली
इसकी दो पंक्तियों को बालश्रम बढ़ाने वाली बताया गया है। आयोग का कहना है कि पहली कक्षा के लिए ऐसी कविता ठीक नहीं है। पाठ्यक्रम तय करने वाले जिम्मेदार वयस्कों को बच्चों को ऐसे शब्द नहीं पढ़ाने चाहिए, जो बच्चों में गलत भावनाएं पैदा करें। आयोग का यह भी कहना है कि सामाजिक बुराई बताने का दूसरा तरीका भी होता है। पाठ्यक्रम ऐसा होना चाहिए, जो स्कूल में पढऩे वालों और शिक्षकों में अच्छे विचार पैदा करे।

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