क्या आप जानते हैं वोटर लिस्ट में क्यों होते हैं दोहरे-तिहरे नाम

क्या आप जानते हैं वोटर लिस्ट में क्यों होते हैं दोहरे-तिहरे नाम

Veejay Chaudhary | Publish: Jun, 14 2018 01:27:51 PM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

गड़बड़ाया मतदाताओं का प्रतिशत, कहीं ये तो नहीं वजह!

जयपुर. निर्वाचन विभाग के आंकड़ों में जनवरी 2018 तक अनुमानित जनसंख्या 7.93 करोड़ आंकी गई है। जनवरी तक नाम जोड़े गए थे 4.72 करोड़। जनसंख्या अनुपात के हिसाब से 18 से 19 वर्ष की आयु वर्ग के 4.23 फीसदी मतदाता होने चाहिए। लेकिन मात्र 1.97 फीसदी ही नाम जोड़े जा सके हैं। 20 से 21 और 30 से 39 आयु वर्ग में भी मतदाताओं के नाम काफी कम जुड़े हैं। इससे ऊपर के आयु वर्ग में तय संख्या से ज्यादा मतदाता जुड़े हैं।

 

नए मतदाता और युवाओं के नाम कम जुड़े

राज्य की मतदाता सूची में फर्जी मतदाताओं के नाम नहीं होने को लेकर निर्वाचन विभाग भले ही दावे करे, लेकिन जनसंख्या अनुपात के हिसाब से मतदाता संख्या देखी जाए तो 39 साल से अधिक उम्र के मतदाताओं के नाम अधिक जुड़े हैं। सूत्रों के मुताबिक जनसंख्या के हिसाब से जितने युवा मतदाता राज्य की मतदाता सूची में शामिल होने चाहिए, उससे काफी कम हैं। जबकि 39 साल से अधिक उम्र के मतदाता का अनुपात अधिक है।

 

कहीं ये तो नहीं वजह

चुनाव कार्य से जुड़े अधिकारियों की मानें तो 39 साल से अधिक उम्र के मतदाता का पलायन नौकरी के हिसाब से एक से अधिक स्थानों पर ज्यादा होता है। ऐसे में वे जहां भी जाते हैं, नाम जुड़वाते रहते हैं। यही कारण है कि 39 साल से ज्यादा उम्र के मतदाताओं के नाम सभी श्रेणियों में ज्यादा जुड़ चुके हैं।

 

इनके जोडे ज्यादा नाम, बिगड सकता है गणित

39 से लेकर 80 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओं के नाम ज्यादा जोड़ दिए गए जो उम्मीदवारों का गणित बिगाड सकते हैं। यदि राज्य की मतदाता सूची में जनसंख्या अनुपात में मतदाताओं के इन आंकड़ों को ठीक नहीं किया गया, तो आने वाले विधानसभा चुनावों में उम्मीदवारों का गणित बिगाड़ सकते हैं। वहीं निर्वाचन विभाग के उच्चाधिकारी भी मतदाता सूची को लेकर निचले स्तर पर मॉनिटरिंग करने के बजाय कागजी कार्रवाई पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।

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