दिनभर चला डॉ. मोदी की गिरफ्तारी का नाटक, शाम को पुलिस ने किया इनकार

चिकित्सा मंत्री ने डॉ. मोदी को सचिवालय में वार्ता के लिए बुलाया

By: Mukesh Sharma

Published: 10 Nov 2017, 09:32 PM IST

जयपुर . राजस्थान मेडिकल कौंसिल के रजिस्ट्रार और एसएमएस अस्पताल के उपअधीक्षक डॉ. जगदीश मोदी की गिरफ्तारी को लेकर दिनभर नाटकीय घटनाक्रम चलता रहा। आखिरकार शाम 8 बजे पुलिस ने डॉ. मोदी को गिरफ्तार करने से इनकार कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार सुबह डॉ. मोदी ने डीसीपी दक्षिण योगेश दाधीच को फोन कर सरकार से वार्ता कराने के लिए कहा। इस पर एडिशनल पुलिस कमिश्नर नितिन दीप और डीसीपी दाधीच डॉ. मोदी से मिलने पहुंचे। वहां से चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ से बात हुई। चिकित्सा मंत्री ने डॉ. मोदी को सचिवालय में वार्ता के लिए बुलाया। तब डीसीपी दाधीच डॉ. मोदी को सचिवालय लेकर पहुंचे थे। पुलिस ने मामले में इतनी ही भूमिका निभाई थी। लेकिन डॉ. मोदी को गिरफ्तार नहीं किया था।

 

शुक्रवार शाम को इन सभी अधिकारियों ने किया इनकार
डीसीपी दक्षिण योगेश दाधीच, डीसीपी पूर्व कुंवर राष्ट्रदीप, डीसीपी पश्चिम अशोक कुमार गुप्ता ने डॉ. जगदीश मोदी को गिरफ्तार करने से इनकार किया। वहीं डीसीपी उत्तर सत्येन्द्र सिंह ने डॉ. मोदी की गिरफ्तारी से इनकार किया और अवकाश पर होना बताया। यहां तक की एक आला अधिकारी ने बताया कि डॉ. मोदी सरकार और सेवारत चिकित्सकों के बीच मध्यस्ता की भूमिका निभा रहे हैं। डॉ. मोदी ही दोनों पक्षों के नजदीकी हैं।

 

हडताल के पीछे किसी का हाथ होने का मंत्री ने लगाया आरोप
चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने कहा है कि गुरुवार देर रात वार्ता में सहमति बन गई थी, लेकिन चिकित्सकों के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजय चौधरी के पास एक फोन आया और उसके बाद उनका रूख ही बदल गया। सराफ ने कहा है कि इस हडताल के पीछे कौन है... ये सब जानते हैं। हालांकि पत्रकारों की ओर से बार बार पूछे जाने के बावजूद उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया। पत्रकारों ने इस बारे में कांग्रेस की भूमिका का सवाल किया तो इस पर भी उन्होंने स्पस्ट जवाब नहीं दिया।

 

मंत्री राजनीति बंद कर मरीजों की सुध लें - शर्मा

सेवारत डॉक्टरो की हडताल के मामले में प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष और मीडिया चेयरपर्सन अर्चना शर्मा ने कहा कि पूरे मामले में चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ पूरी तरह विफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा मंत्री अपनी ही सरकार के दूसरे केबिनेट मंत्री की भूमिका पर सवाल खड़े कर रहे हैं। जबकि वास्तविकता यह है कि वे खुद की असफलता को छिपाने का प्रयास कर रहे हैं। शर्मा ने कहा कि चिकित्सा मंत्री को मामले में राजनीति बंद कर मरीजों की सुध लें।

Mukesh Sharma Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned