एक फोन ने कराई वार्ता विफल, जाने हडताल में किसका हाथ बताया चिकित्सा मंत्री ने

कांग्रेस की भूमिका पर सवाल किए जाने पर नहीं दिया जवाब

By: Vikas Jain

Updated: 10 Nov 2017, 08:45 PM IST

जयपुर। प्रदेश में सेवारत चिकित्सकों की पांच दिनों से चल रही हडताल को लेकर चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने कहा है कि गुरुवार देर रात वार्ता में सहमति बन गई थी, लेकिन चिकित्सकों के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजय चौधरी के पास एक फोन आया और उसके बाद उनका रूख ही बदल गया। सराफ ने कहा है कि इस हडताल के पीछे कौन है... ये सब जानते हैं। हालांकि पत्रकारों की ओर से बार बार पूछे जाने के बावजूद उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया। पत्रकारों ने इस बारे में कांग्रेस की भूमिका का सवाल किया तो इस पर भी उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

 

गौरतलब है कि हडताल में किसी की विशेष भूमिका के बारे में चिकित्सा मंत्री तीन दिन से लगातार कह रहे थे। हालांकि उन्होंने अधिकृत तौर पर यह बात गुरुवार को कही। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि जब कोई पीछे से इस पूरी हडताल को संचालित कर रहा है तो उनकी पहचान क्येां नहीं की जा रही।

 

तिवाड़ी विद्वान, वे सब जानते हैं

पत्रकारों ने भाजपा के वरिष्ठ विधायक घनश्याम तिवाड़ी की ओर से इस पूरी हडताल के पीछे राज्य के ही एक दूसरे केबिनेट की भूमिका का बयान दिए जाने का सवाल पूछे जाने पर सराफ ने कहा कि तिवाड़ी विद्वान हैं, वे सब जानते हैं।

 

दिखाए इस्तीफों के खाली लिफाफे

स्वास्थ्य भवन में आयोजित प्रेस ब्रिफिंग में चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने गुरुवार को ही पहुंचे डॉक्टरों के खाली लिफाफे दिखाए। उनका कहना था कि जो डाक आई है, उसमे इस्तीफों के बजाय खाली कागज निकले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ डॉक्टर प्रदेश की जनता को गुमराह कर रहे हैं।

 

40 फीसदी डॉक्टर हडताल पर होने का दावा

चिकित्सा मंत्री ने दावा किया कि हडताल पर प्रदेश के 40 फीसदी डॉक्टर ही हैं। राजधानी के जयपुरिया अस्पताल में 90 फीसदी डॉक्टरों के काम पर होने का दावा उन्होंने किया। हालांकि अस्पताल प्रशासन की ओर से गुरुवार को ही सुबह बयान दिया गया था कि अस्पताल में 50 फीसदी डॉक्टर हडताल पर हैं।

Vikas Jain Reporting
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