मरीजों पर दोहरी मार, प्रदेश के अस्पतालों में डॉक्टर नहीं, 50 लाख से ज्यादा की नकली दवाएं जब्त

मालवीय नगर में औषधि नियंत्रण संगठन व एसओजी की टीम ने 50 लाख से ज्यादा की नकली दवाएं जब्त की है।

By: santosh

Published: 11 Nov 2017, 11:40 AM IST

जयपुर। राजस्थान में बीमार मरीजों पर सरकारी व्यवस्थाओं की दोहरी मार हो रही है। बीते पांच दिन से प्रदेश के सरकारी अस्प्तालों में चिकित्सक नहीं होने से मरीज उपचार के अभाव में तिल- तिल कर मर रहे हैं तो दूसरी ओर मालवीय नगर में औषधि नियंत्रण संगठन व एसओजी की टीम ने 50 लाख से ज्यादा की नकली दवाएं जब्त की है।

 

राजस्थान के सरकारी अस्पतालों की हालत ऐसी है कि यहां इलाज नहीं मिलने से अस्पताल अब सूने होने लगे हैं और जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के अस्पतालों में रेजीडेंटस नहीं होने से मरीज इलाज के लिए भटक रहे है।

 

उधर सेवारत चिकित्सकों की सरकार के साथ वार्ता विफल होने पर डेंगू और मलेरिया से जूझ रहे मरीज भगवान भरोसे है। एसएमएस अस्पताल में आउटडोर से लेकर आईसीयू तक मरीजों को रेजीडेंटस नहीं होने के कारण समय पर दवाएं तक नहीं लिखी जा रही है। वहीं अब रेसमा के तहत सभी जिलों में पुलिस चिकित्सकों काे अरेस्ट करने के लिए दबिश दे रही है।

 

हालात और खराब
शुक्रवार को सरकार और सेवारत चिकित्सकों, रेजीडेंटस के बीच वार्ता विफल होेने के बाद हालात और भी खराब हो गए है। ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केन्द्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक मरीज उपचार के लिए भटक रहे है।

 

जिलों में उपचार नहीं मिलने से मरीज मेडिकल कॉलेजों में उपचार के लिए जा रहे हैं तो वहां भी उनको इलाज के नाम पर मायूसी मिल रही है। राजधानी जयपुर के एसएमएस असपताल, जयपुरिया अस्पताल, कांवटिया अस्पताल में रेजीडेंटस हडताल पर चले गए हैं और मरीजों को धडाधड वार्डों से छुटिटयां दी जा रही है।

 

वैकल्पिक इंतजाम भी नाकाफी
उधर सरकार लगातार वैकल्पिक इंतजाम मजबूत होने का दावा कर रही है। लेकिन स्थितियां ऐसी है कि मृतकों के परिजन शवों के पोस्टमार्टम के लिए एक जिले से दूसरे जिले की दौड लगा रहे है। तमाम कोशिशों के बाद भी शवों के पोस्टमार्टम नहीं पा रहे। वहीं वैकल्पिक इंतजाम भी अब धराशाई होने लगे है। कई निजी अस्पतालों में लगाए गए निजी चिकित्सकों ने भी अपनी सेवाएं देने से इंकार कर दिया है।

 

समान्य मौंत
शुक्रवार को चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने बयान जारी कर कहा कि प्रदेश में 40 फीसदी सेवारत चिकित्सक काम पर लौट आएं है। जहां तक मरीजों की मौत का सवाल है तो सभी समान्य मौंते थी। इससे ज्यादा मौंते समान्य तौर पर प्रदेश के सभी अस्पतालों में इलाज के दौरान होती है। प्रदेश में रेसमा कानून लगा हुआ है और अब सेवारत चिकित्सकों के काम पर नहीं लौटने पर उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

 

50 लाख की नकली दवाएं जब्त
मालवीय नगर में शुक्रवार को एसओजी और औषधि नियंत्रक संगठन की ओर से नकली और नशीली दवाओं के कारोबार पर कार्यवाही आज सुबह भी जारी रही। औषधि नियंत्रण संगठन के अनुसार मालवीय नगर निवासी हरीश चंचलानी के निवास से अब तक 50 लाख की नकली दवाएं जब्त की जा चुकी हैं। तीन लाख रुपए से ज्यादा की नशीली दवाएं जब्त कर ली गई है। नकली दवाओं में ज्यादातर दवाईयां डायबिटीज, ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों की है। नकली दवाओं के खिलाफ कार्यवाही को शुकवार को शुरू किया गया था।

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