राजस्थान की बिजली कंपनियों आयाराम—गयाराम—ढाई वर्ष में चार अध्यक्ष बदले,अब दूसरी बार कमान भास्कर सावंत को


लगातार विवाद वाले अफसरो को सरकार ने मुख्यधारा से किया दूर
मंजू राजपाल,नवीन महाजन को भेजा सचिवालय से बाहर
एक ही प्रमोटी आईएएस को मिली जिले की कमान
अफसरों का मंत्रियों व आला से तालमेल फिर नजर आया बेपटरी

By: PUNEET SHARMA

Published: 20 Sep 2021, 08:38 AM IST

लगातार विवाद वाले अफसरो को सरकार ने मुख्यधारा से किया दूर
सुबोध अग्रवाल का बढाया कद,अब बिजली के बॉस
मंजू राजपाल,नवीन महाजन को भेजा सचिवालय से बाहर
एक ही प्रमोटी आईएएस को मिली जिले की कमान
मंजू राजपाल का पांचवा,गायत्री राठौड का चौथ और सुबोध अग्रवाल का पांचवा तबादला
अफसरों का मंत्रियों व आला से तालमेल फिर नजर आया बेपटरी
जयपुर।

राज्य सरकार ने शनिवार को विधान सभा सत्र समाप्त होने के छह घंटे बाद ही आईएएस की तबादला सूची जारी कर दी। तबादला सूची में कुछ ही महीनों में इधर—उधर किए गए अफसरों का मंत्रियों और अपने आला अफसरों के साथ तालमेल बेपटरी होता दिखा। बिजली कंपनियों में भी बीते ढाई से अध्यक्षों की आयाराम—गयाराम चल रही है। अध्यक्षों और उर्जा मंत्री बीडी कल्ला के बबीच बीच बेहतर 'अंडरस्टेंडिंग' नहीं बैठ पा रही है। यही कारण रहा कि इस तबादला सूची में बिजली कंपनियों को आईएएस भास्कर सांवत के तौर पर पांचवा अध्यक्ष मिला। चुनाव आते आते सरकार ने अफसरों को तबादला सूची में एक साथ चार अफसरों को सचिवालय से बाहर भेज कर साफ संदेश दे दिया कि तालमेल बना कर नहीं चलने वाले अफसरों को मुख्य धारा से हटाया जाएगा।

नहीं टिक रहे अध्यक्ष,सुबोब अब बिजली कंपनियों के बॉस
प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी तो नरेशपाल गंगावार को कमान सौंपी गई। इसके बाद नरेशपाल गंगवार,अजिताभ शर्मा को बिजली कंपनियों की कमान सौंपी गई। इसके बाद 4 जनवरी को दिनेश कुमार को बिजली कंपनियों की कमान सौंपी गई। लेकिन दिनेश कुमार भी उर्जा मंत्री बीडी कल्ला के साथ बेहतर 'अंडर स्टैंडिंग'नहीं बैठा सके। कोयला संकट और बिजली खरीद के विवाद के बाद उनका भी तबादला कर दिया गया। सरकार ने आॅवरआॅल बिजली की कमान खान विभाग के एसीएस सुबोध अग्रवाल को देकर उनका कद बढाया है। अब वे खान विभाग के साथ ही बिजली के भी बॉस होंगे।
राजपाल का 5 बार तो गायत्री का तीन बार तबादला
सरकार के ढाई वर्ष के कार्यकाल में मंजू राजपाल का यह पांचवा तबादला है। स्थिति यह रही कि हर दूसरी तबादला सूची में मंजू राजपाल का तबादला हुआ। इस तबादले केा पंचायती राज विभाग में डेप्यूटेशन पर विकास अधिकारी के पदों पर लगे आयुर्वेद चिकित्सकों को हटाने के मामले से जोडा जा रहा है। इस मामले में उनका आला अधिकारियों से सीधा टकराव था। वहीं गायत्री राठौड का यह तीसरा तबादला है।

रोली सिंह के तबादले ने चौंकाया
दिल्ली में आवासीय आयुक्त के पद पर तैनात रोली सिंह के तबादले ने नौकरशाही को चौंकाया। लगभग एक साल पहले दिल्ली गई सिंह को जयपुर बुलाकर जीएडी की कमान दी गई है। बताया जा रहा है कि सरकार के एक करीबी अफसर से अनबन के कारण ही उनको वापस बुलाया गया है।
एक ही प्रमोटी को मिल सकी जिले की कमान

कुछ समय पहले 17 आरएएस को आईएएस में पदोन्नति मिली। पदोन्न्त ल इएएस जिलों में कलक्टर लगने के लिए प्रयास कर रहे थे। लेकिन इस तबादला सूची में पुरातत्व विभाग के निदेशक प्रकाश चंद शर्मा को ही जिले की कमान मिली। उन्हें प्रतापगढ का कलक्टर बनाया गया है।

अब सुबोध खरीदेंगे बिजली,सिदार्थ बजट घोषणाओं को लाएंगे धरातल पर
आईएएस सुबोध अग्रवाल को जूनियर आईएएस निरंजन आर्य के मुेख्य सचिव बनने पर सचिवालय से बाहर भेजा अक्षय उर्जा निगम व उर्जा विकास निगम का अध्यक्ष बनाया गया। फिर उन्हें खान विभाग की कमान सौंपी। अब खान विभाग के साथ उनको अक्षय उर्जा निगम और राज्य कअब लिए बिजली खरीद करने वाले उर्जा निगम की कमान भी सौंप दी गई है। वहीं आईएएस सिदार्थ महाजन को दूसरी बार वित्त विभाग में बजट सचिव की कमान सौंप कर मुख्यमंत्री की बजट घोषणाओं को धरातल पर लाने का जिम्मा सौंपा गया है।


700—700 करोड के दो भुगतान पर विवाद
सूत्रों के अनुसार राज्य में कोयला संकट का विवाद तो चल ही रहा था। वहीं बिजली खरीद के 700—700 करोड के दो भुगतान को लेकर बिजली कंपनियों अध्यक्ष दिनेश कुमार विवादों में आ गए थे। वहीं उर्जा मंत्री बीडी कल्ला से भी उनकी पटरी नहीं बैठ रही थी।

नवीन—पृथ्वी रहे ढाई साल से ज्यादा
इस सरकार के ढाई वर्ष के कार्यकाल में आईएएस नवीन महाजन और डा पृथ्वी उन अफसरों में शामिल हैं जिनका एक बार भी बादला नहीं हुआ। नवीन महाजन जल संसाधन तो डॉ पृथ्वी ने वित्त विभाग में ढाई वर्ष से ज्यादा का कार्यकाल पूरा किया है।

PUNEET SHARMA Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned