पेयजल किल्लत: नहीं हो रही शादी

पेयजल किल्लत: नहीं हो रही शादी

By: Rakhi Hajela

Published: 28 May 2020, 06:39 PM IST

गर्मी शुरू होने के साथ ही प्रदेश में पानी की किल्लत भी शुरू हो गई है। लोगों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है। वहीं सीकर के दातारामगढ़ तहसील के रूपगढ़ में पेयजल किल्लत के कारण रिश्ते तक नहीं हो रहे। वहीं पलसाना में इन दिनों पेयजल की भारी किल्लत के चलते आमजन को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आपको बता दें कि रूपगढ़ के रेगरों के मोहल्ले में एक ही सार्वजनिक टंकी बनी हुई है, जिससे पूरे मोहल्ले के लोग पानी भरते हैं। आजादी के 70 साल बाद भी इस गांव में नलों से घरों पर पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ऐसे में मोहल्ले के लोगों को टंकी पर ही पानी लेने के लिए जाना पड़ता है । इस दौरान दिन में एक बार ही टंकी में पानी डाला जाता है, जिससे यहां काफी भीड़ लग जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी की समस्या इतनी भयंकर है कि यहां गर्मी के दिनों में तो हलक तर करना भी मुश्किल हो जाता हैं और पानी डालते ही टंकी पर पानी भरने वालों का जमघट लग जाता है। काफी मशक्कत के बाद लोगों को एक एक दो दो बाल्टी पानी की मिलती है। ऐसे में घर के बड़े बूढ़े बच्चे सभी को पाने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। पेयजल की इस गंभीर समस्या के कारण अब इस गांव में लोग रिश्ता तक करने के लिए तैयार नहीं हैं। ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि पानी की समस्या के चलते अब तो उनके बच्चों के रिश्ते भी नहीं हो रहे। जिस घर में बच्चों की शादी की बात चलाई जाती है वहां जैसे ही पता चलता है कि गांव में पानी की समस्या है रिश्ते के लिए ना हो जाती है। कोई भी अपनी बेटी एेसे घर में नहीं देना चाहता जहां पीने के पानी के लिए रोज परेशान होना पड़े। महिलाओं का कहना है कि यदि यही हाल रहा तो उनके बच्चों की कभी शादी ही नहीं हो सकेगी। इतना ही नहीं ग्रामीणों के सामने पीने के पानी के साथ एक और समस्या खड़ी हो गई है। इधर पलसाना में भी करीब 3 साल पहले स्वीकृत हुई 4 करोड़ 59 लाख रुपए की पेयजल योजना का कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है जिससे ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। कस्बे में विभाग के आंकड़ों के अनुसार करीब 10 लाख लीटर की रोजाना आवश्यकता पड़ती है लेकिन विभाग के समस्त स्रोतों में केवल 4 लाख लीटर पानी ही है, ऐसे में लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कस्बे में वर्तमान में 2 दिनों में एक बार पानी आता है इस दौरान लोग बूस्टर लगा करें पानी भरने के लिए मशक्कत करते रहते हैं।

पीने का पानी ही नही बार हाथ कैसे धोएंगे
कोरोना वायरस को लेकर एक और सरकार और डब्ल्यूएचओ लोगों से बार बार हाथ धोने की अपील करता है। वहीं इस समय लोगों को पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं हो रहा तो लोग सरकार की ओर से की जा रही अपील को कैसे पूरा करेंगे और कैसे को रोना को लेकर लड़ी जा रही जंग में सरकार के साथ खड़े होंगे।

Rakhi Hajela Desk
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