कई शहरों में पांच दिन बाद पेयजल आपूर्ति

राज्य में अभी से गहराने लगा संकट: टैंकर और कैम्पर के पानी से बुझा रहे प्यास

By: jagdish paraliya

Updated: 25 May 2020, 05:02 PM IST

जयपुर. प्र्रदेश में गर्मी के तेवर तीखे होते ही अधिकांश जिलों में पेयजल की किल्लत शुरू हो गर्ई है। दौसा जिले में 4 से 5 दिन में एक बार जलापूर्ति हो रही है शहरों में टैंकर व कैम्पर का पानी खरीदकर लोग प्यास बुझा रहे हैं तथा गांवों में करीब एक किलोमीटर के दायरे में से पानी लाने को लोग मजबूर हैं। सवाईमाधोपुर जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों मे कई स्थानों पर लोगों को एक से डेढ़ किलोमीटर तक पैदल चलकर पानी लाना पड़ रहा है। कई गांवों, कस्बों में एक दिन तो कई जगह तीन दिन में पेयजल सप्लाई हो रही है।
जोधपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में 7 दिन में एक बार पानी दिया जा रहा है। 160 क्यूसेक पानी की आवश्यकता है ग्रामीण क्षेत्र में, मिल रहा है। 100 से ज्यादा गांवों में टैंकर नहीं पहुंच पा रहा है। धौलपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में करीब तीन से चार किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है। वहीं सरमथुरा क्षेत्र के कई गांवों में लोग मध्यप्रदेश में पलायन कर जाते हैं। साथ में पशुओं को लेकर भी जाते हैं। बारिश होने के बाद ही लौटते हैं। जैसलमेर जिले के दूरस्थ गांव नोख, ठाकरबा, गैलाबा हो या सरहदी गांव रामगढ़, पोकरण क्षेत्र में रामदेवरा, नाचना, फलसूंड, लाठी में भी पानी की कमी से स्थानीय बाशिंदे बेहाल है। ग्रामीण क्षेत्रों के गांव व ढाणियों में नहरबंदी के बावजूद इस बार पानी की कमी है। फिल्टर प्लांट्स व स्टोरेज की सफाई लंबे समय से नहीं होने से परेशानी बढ़ी है। प्रतापगढ़ जिले के छोटीसादड़ी उपखंड में बाड़ी बांध से एकांतर या दो.तीन दिन में जलापूर्ति हो रही है।

600 हैण्डपम्प सूखे
चित्तौडग़ढ़. कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में हैण्डपम्प सूख जाने से समस्या बढ़ी है लेकिन गांव से बाहर जाने वाली स्थिति नहीं है। हैण्डपम्प खराब होने पर पनघट सहारा बने हुए है। जिले में 12 हजार 645 हैण्डपम्प में से करीब 600 सूख गए है।

खेतड़ी क्षेत्र में १० दिन में एक दिन आ रहा पानी
झुंझुनूंं . शहर के अनेक हिस्सों में नियमित पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है। बुहाना में आठ दिन में एक दिन पानी की आपूर्ति हो रही है। खेतड़ीनगर के गांवों में दस दिन में एक दिन पानी आ रहा है। यही हाल सिंघाना, सूरजगढ व पिलानी के गांवों के हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि था कि उनकी सरकार आई तो कुम्भकरण योजना (कुम्भाराम लिफ्ट योजना) को जल्द पूरा किया जाएगा। अब कांग्रेस की सरकार भी आ गई, लेकिन कार्य पूरा नहीं हो रहा।

लम्बित योजना
टोंक जिले के लिए ईस्टर्न केनाल योजना लम्बित है।
दौसा में ईसरदा बांध परियोजना लम्बित है।
बाड़मेर जिले में नर्मदा परियोजना व पोकरण-फलसूंड-सिवाना पेयजल योजना लंबित
धौलपुर-राजाखेड़ा लिफ्ट सिंचाई-पेयजल परियोजना।
चित्तौडग़ढ़: जिले के सबसे बड़े गंभीरी, वागन, घोसुण्डा बांध में अभी तीन से चार माह तक का पानी शेष बताया जा रहा है।
सवार्ईमाधोपुर: जिले में कुल 17 बांध है। इनमें भी महज एक महीने का पानी ही बचा है। इनमें से भी जिले में पेयजलापूर्ति नहीं हो रही है।

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