निर्माण का लाइसेंस नहीं, फिर भी बना रहा था सैनेटाइजर

- औषधि नियंत्रक विभाग की टीम ने की कार्रवाई
- टीम की कार्रवाई पर भी उठे सवाल, एक दिन पहले भी कार्रवाई के नाम पर लीपापोती

By: Avinash Bakolia

Published: 12 May 2020, 10:41 PM IST

जयपुर. बिना निर्माण का लाइसेंस लेकर सेनेटाइजर बना रही एक फर्म पर औषधि नियंत्रक विभाग ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए फर्म की मशीनें, बोतलें जब्त की। औषधि नियंत्रक दिवाकर पटेल के निर्देशन में पांच औषधि नियंत्रण अधिकारी की टीम ने वीकेआइ में अंकित फार्मूलेशन फर्म पर छापा मारा।
औषधि नियंत्रक दिवाकर पटेल ने बताया कि फर्म संचालक के पास फूड और ड्रग लाइसेंस था, लेकिन मैन्यूफेक्चरिंग का लाइसेंस नहीं था। इसके बावजूद वह सेनेटाइजर बना रहा था।
औषधि नियंत्रण अधिकारी सिंधू शर्मा ने बताया कि फर्म संचालक ऑर्डर लेकर ही सैनेटाइजर बनाता था। फर्म संचालक विकास खंडेलवाल को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। हालांकि विभाग की इस कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। दरअसल, विभाग के एक अधिकारी ने अपने उच्चाधिकारी को बिना सूचित किए सोमवार को टीम भेजकर फर्म पर कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति की थी। टीम ने सिर्फ सैम्पल लेकर बात खत्म कर दी। इस बात की सूचना जब विभाग के उच्चाधिकारी को लगी तो उसने पांच औषधि नियंत्रण अधिकारियों की टीम को मंगलवार को कार्रवाई करने भेजा। टीम ने फर्म से सामान जब्त किया।
इनका कहना है-
विभाग के ही एक अधिकारी को कार्रवाई से पहले उच्चाधिकारी को सूचित कर अनुमति लेनी चाहिए थी। लेकिन हमें बताया ही नहीं। सरकार यदि पूछेगी तो वस्तुस्थिति से अवगत करवाया जाएगा।
- दिवाकर पटेल, औषधि नियंत्रक

Avinash Bakolia Reporting
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