सूखे मेवे खाएं लेकिन बिना तले-भुने

सूखे मेवे हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते है लेकिन इनका अच्छा फायदा हासिल करने के लिए सूखे मेवे प्राकृतिक रूप में खाने चाहिए न कि तलकर या भूनकर

सूखे मेवे हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं और कई तरह की बीमारियों में हमारी हिफाजत करते हैं। ये प्राकृतिक रूप में ही खाए जाने चाहिए। कई लोग बादाम, काजू, अखरोट, पिस्ता आदि सूखे मेवे खाते तो हैं लेकिन इनसे अपने स्वास्थ्य को होने वाला सही फायदा नहीं उठा पाते। इसकी वजह है मेवों को कुदरती रूप में न खाकर तलकर, भुनकर या इनमें मसाले आदि लगाकर खाना।

फूड एक्सपट्र्स की मानें तो तलने और भूनने से इन मेवों में मौजूद सेहतमंद तेल का कम से कम 10 फीसदी हिस्सा नष्ट हो जाता है। इसी प्रकार तेल में फ्राई करने से कई बार नुकसानदायक केमिकल रिएक्शन भी हो सकता है। इसलिए काजू, अखरोट, बादाम, पिस्ता या किशमिश आदि हमेशा ताजा और कच्चे ही खाएं तो बेहतर हैं। इन्हें फ्रिज में रखकर इनका कुदरती स्वाद लंबे समय तक बरकरार रख सकते हैं। अब आप आगे जब भी सूखे मेवे खाएं तो तलकर या भूनकर नहीं बल्कि प्राकृतिक रूप में ही खाएं।

Chand Sheikh Desk
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