बूस्टर काबू करने के लिए पेयजल सप्लाई के वक्त होगी कटौती

डिस्कॉम तैयार नहीं था पर मुख्य सचिव को नहीं बता पाए दूसरा विकल्प

By: Priyanka Yadav

Published: 16 May 2018, 12:24 PM IST

जयपुर . गर्मी में बढ़ती पानी की किल्लत के बीच शहर में पेयजल सप्लाई के वक्त विद्युत कटौती की जाएगी। इस प्रस्ताव पर मुख्य सचिव ने मुहर लगा दी है। जयपुर डिस्कॉम ने जलदाय विभाग के इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताई थी कि चौबीस घंटे बिजली देने के दावे के बीच कटौती करना ठीक नहीं है। इसके बाद मामला मुख्य सचिव स्तर पर पहुंचा और उन्होंने इसका विकल्प पूछा लेकिन पेयजल सप्लाई के समय विद्युत कटौती के अलावा दूसरा विकल्प सामने नहीं आया। इसके बाद तय हुआ कि बूस्टर के उपयोग को रोकने और सभी उपभोक्ताओं तक समान रूप से पेयजल सप्लाई पहुंचाने के लिए बिजली कटौती ही विकल्प है। इस मामले में पिछले दिनों मुख्य सचिव के साथ बैठक हुई थी। इसके बाद जलदाय विभाग ने तैयारी कर ली है। अब कलक्टर स्तर पर क्षेत्र की सूची फाइनल होनी है।

506 एमएलडी पेयजल सप्लाई हो रहा था प्रतिदिन

526 एमएलडी पेयजल प्रतिदिन सप्लाई की गई अब

456 एमएलडी पेयजल प्रतिदिन बीसलपुर से आ रहा

70 एमएलडी पेयजल ट्यूबवैल व टैंकर के जरिए सप्लाई

प्रस्ताव कलक्टर के पास लंबित

जलदाय विभाग ऐसे शहर के 35 इलाकों का बड़ा प्रस्ताव बनाकर कलक्टर को भेज चुका है। इसमें 200 से ज्यादा कॉलोनियां शामिल है। इसमें प्रतापनगर व खातीपुरा इलाके में पेयजल सप्लाई के समय विद्युत कटौती के प्रस्ताव पर कलक्टर पहले ही सहमति दे चुके हैं। कटौती का दिन अभी फाइनल होना बाकी है। जलदाय विभाग के अधिकारियों के मुताबिक 45 मिनट से 1 घंटे तक विद्युत कटौती की जाएगी। बूस्टर के कारण हर घर में समान प्रेशर से पेयजल नहीं पहुंचने की बढ़ती शिकायत के बाद यह प्रस्ताव तैयार किया गया। पहले खातीपुरा व प्रताप नगर इलाके चिन्हित किए गए हैं।

जलदाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता डी.के. सैनी मुख्य सचिव स्तर पर हुई बैठक में पेयजल सप्लाई के समय विद्युत कटौती पर सहमति बनी है। कलक्टर को विद्युत कटौती के प्रस्ताव भेजे हुए हैं। इसके पीछे मकसद यही है कि सभी तक समान रूप से पेयजल सप्लाई पहुंचे। बूस्टर भी पकड़ रहे हैं।

Priyanka Yadav
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned