Anganwadi kendra: बजट नहीं मिलने से अटका नौनिहालों का निवाला

पौष्टिक भोजन व मौसमी फलों की खरीद के लिए नहीं मिल रहा भुगतान

आंगनबाड़ी केंद्रों ने की अग्रिम राशि मुहैया करवाने की मांग

By: SAVITA VYAS

Published: 17 Feb 2021, 01:11 PM IST

जयपुर। शाला पूर्व नौनिहालों के सर्वांगीण विकास के लिए संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों के लिए पोषाहार व्यवस्था में महिला एवं बाल विकास आए दिन बदलाव कर रहा है। परंतु कम मानदेय में कार्यरत महिलाओं के लिए यह बदलाव परेशानी बन रहा है। अधिकारियों के मुताबिक बीते कई साल से महिला स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) को पोषाहार बनाने की जिम्मेदारी थी, लेकिन इसमें बीते साल बदलाव कर नई व्यवस्था के तहत आंगनबाड़ी केन्द्रों पर यह जिम्मेदारी आंगनबाड़ी मातृ बाल विकास समिति को सौंपी गई थी। इसमें कार्यकर्ता, सहायिका, सहयोगिनी, केन्द्र पर आने वाले बच्चों की माताओं सहित 16 सदस्य की टीम गठित की थी, ताकि बच्चों को गुणवत्तायुक्त पोषाहार मिल सके। इसमें अब खाने में मौसम के हिसाब से बच्चों के खान-पान में बदलाव करने और फल आदि बच्चों को मुहैया करवाने पर सहमति जताई है। हालांकि विभागीय अधिकारियों ने यह फाइल मुख्य सचिव को भेजी है। आंगनबाड़ी मातृ बाल विकास समिति की महिलाओं का कहना है कि समय पर भुगतान नहीं होने के चलते सामान खरीदने की राशि खुद वहन कर रही है, जिसका भुगतान समय पर नहीं होता है। महिलाओं ने मांग की है कि अग्रिम राशि मुहैया करवाई जाए या फिर यह बदलाव अभी नहीं किया जाए।

बैठक की भी देनी होगी जानकारी
समिति तय शिड्यूल के अनुसार बच्चों, किशोरियों और गर्भवती महिलाओं को भोजन बनाकर देगी। बच्चों को समय से ताजा भोजन मिलेगा। वितरण में पारदर्शिता भी आएगी। सदस्यों में एक आंगनबाड़ी सहायिका व आशा सहयोगिनी, 5 संबंधित लाभार्थी बच्चों की माताएं, दो संबंधित केन्द्र की लाभार्थी गर्भवती महिलाएं, धात्री महिलाएं, 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों की माताएं व किशोरी बालिकाओं की माताओं को शामिल किया जा रहा है। कमेटी के गठन करने के साथ ही एक पंजिका का संधारण करना होगा, जिसमें कमेटी की होने वाली बैठक आदि का विवरण देना होगा। लाभार्थी की जानकारी भी जुटानी होगी।

यह तय की हैं दरें

विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नए आदेश में पूर्व में दी जाने वाली दरों में भी बदलाव किया है। नए आदेश के तहत 3 वर्ष से 6 वर्ष के 500 कैलोरी पर 8 रुपए व 3 वर्ष से 6 वर्ष के अति कु पोषित बच्चों को 800 कैलोरी देने पर 12 रुपए का भुगतान किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक समिति की ओर से पूरक पोषाहार की आपूर्ति व वितरण करने की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की रखी गई है। समय पर पोषाहार का वितरण नहीं होने पर समस्त जिम्मेदारी कार्यकर्ता व सहायिका की होगी।

SAVITA VYAS Desk
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