शहर में सफाई व्यवस्था हुई बेपटरी, यह वजह आई सामने

नगर निगम में नए भर्ती हुए 4957 सफाई कर्मचारियों को तीन महीने के बाद भी जोनवार नियुक्तियां नहीं हो पाई।

By: SAVITA VYAS

Published: 18 Dec 2018, 01:00 PM IST

जयपुर। नगर निगम में नए भर्ती हुए 4957 सफाई कर्मचारियों को तीन महीने के बाद भी जोनवार नियुक्तियां नहीं हो पाई। नए सफाई कर्मचारियों की नियुक्तियां नहीं होने से शहर में सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं लौटी। इधर, सफाई कर्मचारियों की भर्ती होने के बाद जॉॅब बेसिस ठेके बंद कर दिए गए। आधे नए सफाई कर्मचारियों को सांगानेर जोन में लगा दिया गया। जिससे सांगानेर क्षेत्र की सफाई होती रही बाकी शहर में कचरे के ढेर लगे रहे। नगर निगम में विद्याधर नगर सबसे बड़ा और आमेर सबसे छोटा जोन है। पार्षदों का कहना है कि नए सफाई कर्मचारियों की भर्ती होने के बाद नगर निगम में 9 हजार सफाई कर्मचारी है। कर्मचारियों के भर्ती होने के बाद यह तय किया गया था कि वार्ड के क्षेत्रफल व रिहायशी इलाके के अनुपात के अनुसार नए सफाई कर्मचारियों की नियुक्तियां की जाएगी। तीन महीने के बाद भी नियुक्तियां नहीं दी गई। इससे शहर के कई इलाकों में सफाई नहीं हो पा रही है। शहर में 91 वार्ड है इसके अनुसार एक वार्ड में करीब 97 कर्मचारी होने चाहिए। वहीं, नियुक्तियों के मामले को लेकर तीनों सफाई समितियों के चेयरमेन सर्वेश लोहिवाल, संजय जांगिड़ व राजेश गुप्ता का कहना है कि चुनाव आचार संहिता के चलते नियुक्तियां नहीं की गई थी। इस दौरान समितियों की बैठक भी नहीं हाे पाई। अब निगम के जोन के अनुसार सफाई कर्मचारियों की आवश्यकता की सूची मांगी गई है। राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 एक माह बाद शुरू होगा।

SAVITA VYAS Desk
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