दशानन के दहन पर कोराना का साया

द्वितीय आश्विन शुक्ल नवमींयुक्त दशमी पर रविवार को असत्य पर सत्य की जीत का पर्व दशहरा (Dussehra) मनाया गया। हालांकि इस बार दशानन के दहन पर कोराना का साया नजर आया। पहली बार दशहरा पर शहर में सामूहिक मेलों का आयोजन नहीं हुआ। बड़े—बड़े रावण दहन (Ravana Dahan) नहीं हो पाए। आदर्श नगर दशहरा मैदान, न्यू गेट रामलीला मैदान, प्रतापनगर सहित कहीं भीे दशहरा मेले का आयोजन नहीं हुआ।

By: Girraj Sharma

Updated: 25 Oct 2020, 09:43 PM IST

दशानन के दहन पर कोराना का साया
— असत्य पर सत्य की जीत का पर्व दशहरा
— नवमीं युक्त दशमी पर मनाया दशहरा पर्व

जयपुर। द्वितीय आश्विन शुक्ल नवमींयुक्त दशमी पर रविवार को असत्य पर सत्य की जीत का पर्व दशहरा (Dussehra) मनाया गया। हालांकि इस बार दशानन के दहन पर कोराना का साया नजर आया। पहली बार दशहरा पर शहर में सामूहिक मेलों का आयोजन नहीं हुआ। बड़े—बड़े रावण दहन (Ravana Dahan) नहीं हो पाए। आदर्श नगर दशहरा मैदान, न्यू गेट रामलीला मैदान, प्रतापनगर सहित कहीं भीे दशहरा मेले का आयोजन नहीं हुआ। लोगों ने इस बार श्रीराम दरबार की पूजा—अर्चना कर परंपरा का निर्वहन किया।

रावण दहन की परंपरा शहर में निभाई गई। लोगों ने घरों के बाहर ही छोटे—छोटे रावण के पुतलों का दहन किया। इस दौरान आतिशबाजी भी की। इस बार बाजार में छोटे—छोटे रावण के पुतलों की ही ब्रिकी हुई। रावण बनाने वालों ने कुछ रावण के पुतलों को कोरोना का रूप भी दिया। रावण दहन के साथ ही कोरोना मुक्ति की प्रार्थना की गई। बच्चों ने रावण के पुतलों को मास्क भी पहनाए।

आदर्श नगर श्रीराम मंदिर में 15 फीट उंचे रावण पुतले का दहन किया गया, श्रीराम व लक्ष्मण स्वरूप में बाण चलाकर रावण का दहन किया। इसके बाद राम मंदिर परिसर में श्रीराम का राज्याभिषेक हुआ।

खोले के हनुमानजी मंदिर में रावण के पुतले का कद छोटा हो गया। इस बार 11 फीट का रावण का पुतला बनाया गया। मंदिर में रावण दहन से पहले नवराह्नपारायण के पाठों का समापन हुआ। वहीं मंदिर प्रांगण स्थित वैष्णो माता मंदिर में दुर्गा शप्तशति के पाठों का समापन हुआ। समिति के महामंत्री बृजमोहन शर्मा ने बताया कि सोमवार को हवन के साथ नवरात्र की पूर्णाहुति होगी। इस मौके पर सामूहिक सुंदरकांड के पाठ हेांगे।

शहर के राम मंदिरों में विजयादशमी पूजन के आयोजन हुए। चांदपोल स्थित प्राचीन श्रीरामचंद्रजी मंदिर में महंत राधेश्याम तिवाड़ी के सान्निध्य में शस्त्र पूजन के साथ ही बधाई गान हुआ। गलता तीर्थ में श्रीसीताराम मंदिर में विशेष पूजा—अर्चना की गई।
जवाहर नगर सेक्टर—5 स्थित में भगवान राम का माल्यार्पण कर तिलक पूजन हुआ। जवाहर नगर रामलीला समिति की ओर से श्रीराम का राज्याभिषेक कर परंपरा निभाई गई। समिति संयोजक गोपाल बजाज ने बताया कि यहां 43 वर्षों से रामलीला का आयोजन किया जाता रहा, लेकिन इस बार कोरोना के चलते रामलीला क आयोजन नहीं हुआ।

Girraj Sharma Desk
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