हर सहकारी समिति बेच सकेगी खाद-बीज

जल्द ही राज्य की सभी ग्राम सेवा सहकारी समितियां खाद, बीज और कीटनाशक बेच सकेंगी, इसके लिए उन्हें लाइसेंस जारी किए जाएंगे। समितियों को पात्र बनाने के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र से इसके लिए प्रशिक्षण दिलवाया जाएगा।

By: chandra shekar pareek

Published: 05 Sep 2020, 11:47 PM IST

सहकारिता एवं कृषि विभाग के प्रमुख शासन सचिव कुंजीलाल मीणा ने इस बारे में निर्देश जारी करते हुए कहा है कि कोविड गाइड लाइन का पालन करते हुए 15 से 30 सितंबर तक प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की जाए।
ब्लॉक लेवल की हुई वीडियो कॉन्फ्रेेंस
प्रमुख शासन सचिव कुंजीलाल मीणा एवं सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार मुक्तानंद अग्रवाल शनिवार को ब्लॉक लेवल तक आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सहकारी समितियों के व्यवस्थापक, निरीक्षक, सहायक रजिस्ट्रार, उप रजिस्ट्रार, संयुक्त रजिस्ट्रार, अतिरिक्त रजिस्ट्रार तथा कॉनफैड, सहकारी बैंकों, राजफैड में प्रतिनियुक्त अधिकारियों सहित करीब 4 हजार सहकारकर्मियों से रूबरू हो रहे थे।
२०० नए सदस्य बनाएंगे
प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि अधिक से अधिक किसानों को सहकारिता से जोडऩे के लिए ग्राम सेवा सहकारी समिति 200 नए सदस्य बनाएगी ताकि उन्हें ऋण, खाद, बीज एवं कीटनाशक जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकें।
प्रदेश में साढ़े छह हजार समितियां
अभी प्रदेश में 6545 ग्राम सेवा सहकारी समितियां कार्यरत है। उन्होंने वर्ष 2022-23 तक 2 हजार नई ग्राम सेवा सहकारी समितियों का गठन सुनिश्चित करने की बात कहते हुए सभी उप रजिस्ट्रार को निर्देश दिए कि इस वित्तीय वर्ष में 1 हजार नई ग्राम सेवा सहकारी समितियों के गठन का लक्ष्य पूरा करें।
एक माह में निपटाएं जांच
रजिस्ट्रार मुक्तानंद अग्रवाल ने कहा कि जिन प्रकरणों में विभिन्न प्रकार की जांच लंबित हैं, उन्हें एक माह में निस्तारित करें। उन्होंने निर्देश दिये कि जिन सहकारी समितियों में ऑडिटर नियुक्त नहीं किया है, ऐसी समितियों को चिह्नित कर ऑडिटर नियुक्ति के साथ ही शत-प्रतिशत ऑडिट के लक्ष्य को पूरा करें।

chandra shekar pareek Desk/Reporting
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