साल 2021 तक 3.2 डिग्री बढ़ सकता है पृथ्वी का औसत तापमान

वैज्ञानिक चेतावनियों व राजनीतिक प्रतिबद्धताओं के बावजूद वर्ष 2018 में वैश्विक स्तर पर ग्रीन हाउस गैसों (जीएचजी) के उत्सर्जन पर रोक नहीं लग पाई है। संयुक्त राष्ट्र की ताजा रिपोर्ट ने चेताया है कि 2021 तक पृथ्वी के औसत तापमान में 3.2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है।

By: dhirya

Updated: 27 Nov 2019, 10:30 PM IST

नई दिल्ली . वैज्ञानिक चेतावनियों व राजनीतिक प्रतिबद्धताओं के बावजूद वर्ष 2018 में वैश्विक स्तर पर ग्रीन हाउस गैसों (जीएचजी) के उत्सर्जन पर रोक नहीं लग पाई है। संयुक्त राष्ट्र की ताजा रिपोर्ट ने चेताया है कि 2021 तक पृथ्वी के औसत तापमान में 3.2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है। जलवायु परिवर्तन के ये भयावह हालात पेरिस समझौते को लागू करने के बावजूद भी सामने आएंगे।
स्पेन में 2 दिसंबर से शुरू होने होने वाले संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन कोप-25 से पूर्व जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले दशक से जीएचजी उत्सर्जन में 1.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। कार्बन डाइऑक्साइड समकक्ष गैसीय उत्सर्जन 55.3 गीगाटन के सर्वकालिक आंकड़े तक पहुंच गया है। संयुक्त राष्ट्र की एमिशन गैप रिपोर्ट के अनुसार सभी देशों को वर्तमान हालात से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। रिपोर्ट में सुझाया है कि 2020 से 2030 के दौरान यदि जीएचजी उत्सर्जन हर वर्ष 7.6त्न गिर जाता है तो प्रतिवर्ष तापमान में केवल 1.5 डिग्री के औसत तापमान वृद्धि की परिस्थिति को पाया जा सकता है।
सभी देशों को जीएचजी उत्सर्जन में पांच गुना तक की कमी लानी होगी, जिससे 1.5 डिग्री सेल्सियस के औसत तापमान वृद्धि के लक्ष्य को पाया जा सकेगा। उत्सर्जन में तीन गुना तक की कमी से 2 डिग्री के औसत तापमान वृद्धि के लक्ष्य को हासिल किया जा सकेगा। विकसित देश दुनिया के विकासशील देशों की तुलना में जल्द कार्रवाई करें।

dhirya Desk
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