पांच दिन में तीसरी बार भूकंप के झटके

फिर कांपा हिमाचल प्रदेश, पांच दिन में तीसरी बार भूकंप के झटके

आज सुबह शिमला में आया भूंकप

जानमाल की हानि नहीं

रिक्टर पैमाने पर 3.6 पाई गई तीव्रता

By: Rakhi Hajela

Published: 06 Jan 2020, 04:12 PM IST

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला क्षेत्र में सोमवार तड़के भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। यहां मौसम विभाग ने यह जानकारी दी। हालांकि, इसमें किसी प्रकार के जानमाल की हानि नहीं हुई है। सुबह 5.18 बजे आए भूकंप की तीव्रता ३.६ मापी गई। इसका केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर अंदर था।
गौरतलब है कि हिमाचल में लगातार आ रहे भूकंप के झटकों से लोगों में दहशत का माहौल है। गुरुवार रात को भी हिमाचल के लाहुल स्पीति में भूकप के झटके महसूस किए गए थे और उसके अगले दिन शुक्रवार सुबह 10 बजकर 46 मिनट पर लाहुल स्पीति में दोबारा भूकंप आया था। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.4 मापी गई थी। बीते साल 2019 में 20 दिसंबर को शाम 5 बजकर 09 मिनट हिमाचल में भूकंप के झटके लगे। इस दौरान चार दिन में दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। 17 दिसंबर को कांगड़ा जिले में भूकंप आया था।

आपको बता दें हिमाचल में यदि वर्ष 1905 की तीव्रता वाला भूकंप आता है तो शिमला, कांगड़ा और मंडी जिलों में सबसे ज्यादा नुकसान होगा। 114 साल पहले अप्रैल 1905 में कांगड़ा में भीषण भूकंप आया था। जिसमें बहुत से लोगों की जान चली गयी थीं और कई इमारतें भी ध्वस्त हो गयी थी। इसमें कांगड़ा, नूरपुर, नेरटी जैसे राजाओं के किले और कई ऐतिहासिक प्राचीन इमारतें भी शामिल थीं। चारों तरफ बस भूकंप के कारण हो रही तबाही के निशान दिख रहे थे। कांगड़ा से लाहौर तक आई इस भयंकर त्रासदी में करीब 28 हजार लोगों की मौत हो गई थी।

पहले भी हिलती रही है धरती

31 जनवरी 2018 को दिल्ली एनसीआर में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इस भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान का हिंदुकुश क्षेत्र था।
69 सालों में 24 बार आ चुका है भूकंप
देश में 1950 से वर्ष 2019 तक 24 बार भूकंप आ चुका है। इनमें से कई इतने विनाशकरी थे, जिसमें हजारों लोगों की जानें चली गईं और संपत्ति को नुकसान पहुंचा। हिंद महासागर में 26 दिसंबर 2004 को सुबह 8.50 बजे भूकंप आया। इस भूकंप से 23 हजार परमाणु बमों के बराबर ऊर्जा निकली थी। इससे उठी सुनामी लहरों ने भारत, श्रीलंका, थाइलैंड और इंडोनेशिया में जमकर कहर बरपाया था। हिंद महासागर में आए 9.3 तीव्रता वाले इस भूकंप से ढाई लाख से अधिक लोगों की मौत हुई थी, जबकि 17 लाख लोग बेघर हो गए थे।
गुजरात में भूकंप ने मचाई थी तबाही
वर्ष 2001 में यहां पर भूकंप ने जो कहर बरपाया उसे आज भी लोग नहीं भूलें हैं। इस शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाई मचाई थी। इस भूकंप ने तीस हज़ार लोगों की जानें ली थी और 10 लाख लोग बेघर हो गए थे। भुज और अहमदाबाद पर भूकंप का सबसे अधिक असर हुआ था।


जानें देश में कब-कब और कहां-कहां भूकंप आया
20 दिसंबर 2019 को 5.09 बजे उत्तर भारत में आया भूंकप
31 जनवरी 2018 को 12.40 बजे उत्तर भारत में लगे भूकंप के झटके
26 अप्रैल, 2015 को 12.39 बजे उत्तर भारत, उत्तर पूर्व भारत में भूकंप आया
25 अप्रैल, 2015 को 12.19 बजे उत्तर भारत में भूकंप आया
25 अप्रैल, 2015 को 11.41 बजे उत्तर भारत और उत्तर पूर्व भारत में
21 मार्च, 2014 को ६.41 बजे अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में धरती कांपी
25 अप्रैल, 2012 को 8.45 बजे अंडमान में भूकंप के झटके महसूस किए गए
18 सितम्बर, 2011 को ६.10 बजे गंगटोक में भूकंप आया
10 अगस्त, 2009 को 1.21 बजे अंडमान में धरती कंापी
08 अक्टूबर, 2005 को 8.50 बजे कश्मीर में भूकंप आया था
26 दिसम्बर, 2004 को 9.28 बजे उत्तरी सुमात्रा का पश्चिमी तट भारत, श्रीलंका, मालदीव में भूंकप आया
26 जनवरी, 2001 को 8.50 बजे गुजरात में भूकंप आया था
29 मार्च, 1999 को 00.35 बजे उत्तराखंड के चमोली में भूकंप आया
20 अगस्त, 1988 को 4.40 बजे भारत नेपाल सीमा पर धरती हिली
22 मई, 1997 को 1.41 बजे मध्यप्रदेश के जबलपुर में भूकंप आया
30 सितम्बर, 1993 को 9.20 बजे महाराष्ट्र के लातूर में भूकंप ने तबाही मचाई
20 अक्टूबर, 1991 को 2.53 बजे उत्तरकाशी में भूकंप के झटके लगे
19 जनवरी, 1975 को १.32 बजे हिमाचल प्रदेश में भूकंप के झटके लगे
21 जुलाई, 1956 को ३.32 बजे गुजरात में भूकंप के झटके लगे
30 सितम्बर 1993 को 9.20 बजे महाराष्ट्र के लातूर में भूकंप ने तबाही मचाई
15 अगस्त, 1950 को ७.22 बजे अरुणाचल प्रदेश में भूकंप आया

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