कनाडा की तर्ज पर वेज सब्सिडी, श्रमिकों के लिए एडवांस भुगतान की मांग

corona crisis : मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दूसरी बार पत्र लिखकर राज्यों के लिए जल्द ही एक लाख करोड़ रुपए का अनुदान शामिल करते हुए आर्थिक पैकेज जारी करने की मांग की है।

By: Ashish

Updated: 06 Apr 2020, 09:17 PM IST

जयपुर
corona crisis : मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दूसरी बार पत्र लिखकर राज्यों के लिए जल्द ही एक लाख करोड़ रुपए का अनुदान शामिल करते हुए आर्थिक पैकेज जारी करने की मांग की है। मुख्यमंत्री गहलोत का कहना है कि लॉकडाउन के चलते राजस्व में भारी गिरावट होने से राज्यों की वित्तीय स्थिति तेजी से बिगड़ रही है। राज्य सरकार को इस कारण अपने कर्मियों के मार्च माह के वेतन को आंशिक रूप से स्थगित करने का मुश्किल फैसला लेना पड़ा।

तीन माह का ब्याज मुक्त मोरेटोरियम मिले
गहलोत ने पत्र में लिखा है कि आरबीआई ने हाल ही में वेज एण्ड मीन्स एडवान्स में 30 प्रतिशत की सीमा बढ़ाई है लेकिन विशेष संकटकाल को देखते हुए राज्य सरकारों को ब्याज मुक्त वेज एण्ड मीन्स एडवान्स की सुविधा उपलब्ध करवाई जानी चाहिए ताकि वे कोविड-19 महामारी से ज्यादा प्रभावी तरीके से निपट सकें। भारतीय रिजर्व बैंक एवं केन्द्र के अधीन अन्य वित्तीय संस्थानों के समस्त ऋण जो आगामी समय में देय हैं, उनके भुगतान का पुनर्निधारण करते हुए ब्याज मुक्त आधार पर कम से कम 3 माह का मोरेटोरियम उपलब्ध करावाया जाए। इसके अतिरिक्त केन्द्र सरकार ऋण लेकर विकास के लिए राज्यों को मुहैया करवाए।

कनाडा की तर्ज पर मिले वेज सब्सिडी
मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि कनाडा जैसे कई देशों में वेज सब्सिडी उपलब्ध करवाई है। उसी तर्ज पर भारत सरकार भी गैर संगठित क्षेत्र के श्रमिकों को आजीविका के नुकसान को देखते हुए वेज सब्सिडी उपलब्ध करवाए। उन्होंने केन्द्र की ओर से घोषित गरीब कल्याण योजना एवं आर्थिक पैकेज का स्वागत करते हुए इसकी शीघ्र क्रियान्विती सुनिश्चित करने का आग्रह भी किया है।

वेंटिलेटर्स की उचित कीमत निर्धारित हो
मुख्यमंत्री ने केन्द्र से कोविड—19 के परीक्षण सुविधा में तेजी से वृद्धि करने, डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों, टेस्टिंग किट का आयात कर संक्रमित रोगियों की संख्या के आधार पर इसका वितरण करने का आग्रह किया। इसके साथ ही वेंटिलेटर का उचित प्रमाणिकरण कर उसका मूल्य निर्धारण करने के लिए भी लिखा है ताकि बाजार में आए कम लागत वाले प्रभावी वेंटिलेटर्स की खरीद में आसानी हो।

इन्हें भी मिले खाद्य सुरक्षा का लाभ
मुख्यमंत्री ने लिखा है कि केन्द्र सरकार को आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही के लिए स्पष्ट एवं पारदर्शी अंतर्राज्यीय आपूर्ति चेन प्रोटोकोल लागू करना चाहिए। विभिन्न राज्यों में दूसरे राज्यों से आए मजदूर फंसे हुए हैं। इसके अलावा ठेले एवं रेहड़ी चलाने वाले, पंजीकृत निर्माण श्रमिक और कारखानों में काम करने वाले श्रमिक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के दायरे में नहीं आते हैं। ऐसे में उन्हेें भी एनएफएसए लाभार्थियों के समान अनाज उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की जानी चाहिए।

मजदूरों को अग्रिम भुगतान हो
मनरेगा के तहत पंजीकृत और सक्रिय मजदूरों को 21 दिन के अग्रिम वेतन भुगतान दिया जाए। अग्रिम भुगतान को मनरेगा साइट पर काम शुरू होने के बाद मजदूरों की ओर से किए जाने वाले काम से से समयोजित किया जा सकता है।

 

 

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