सहकारिता विभाग में विकसित होगा मॉनिटरिंग के लिए प्रभावी तंत्र

अधिकारियों को जिम्मेदारी से कार्य करने के निर्देश

किसान को समय पर फसली ऋण करना प्राथमिकता

सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार ने ली अधिकारियों की बैठक

 

By: Rakhi Hajela

Published: 07 Jul 2020, 06:20 PM IST

सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार मुक्तानन्द अग्रवाल ने कहा है कि राज्य सरकार की योजनाओं एवं विभागीय निर्देशोंं की पालना एवं मॉनिटरिंग के लिए प्रभावी तंत्र विकसित किया जाएगा। लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी आपसी सहयोग एवं समन्वय के साथ कार्य करते हुए अपनी जिम्मेदारी का निवर्हन करें।
अग्रवाल मंगलवार को सहकार भवन में फंक्शनल अधिकारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि योजनाओं का निर्माण इस प्रकार से किया जाए कि धरातल पर बैठे व्यक्ति की आवश्यकतां पूरी हो सकें। जिस भी वर्ग के लिए योजना जारी की जा रही है। उसके लिए फीडबैक एवं सुझावों को जानना अति आवश्यक है।
किसान को समय पर वितरित हो फसली ऋण

रजिस्ट्रार ने फसली ऋण वितरण की प्रक्रिया, राज सहकार पोर्टल की प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पात्र किसान को समय पर फसली ऋण वितरण हो इसे सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यूसीबी की मॉनिटरिंग के लिए तंत्र विकसित किया जाए, जिससे लोगों के साथ होने वाली धोखाधड़ी को रोका जा सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि शिकायतों के त्वरित निस्तारण की मॉनिटरिंग की जाए। राज्य सरकार की ओर से आवंटित विभागीय बजट का समय पर उपयोग होना आवश्यक है। इसमें लापरवाही बरतने पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। साथ ही, बजट के बिना होने वाले कार्यो को तीव्र गति से पूरा किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्मिकों की पदोन्नति समय पर हो। उन्होंने निर्देश दिए कि लंबित पदोन्नति को शीघ्र पूरा करें एवं वरिष्ठता सूची जारी करें। बैठक में वित्तीय सलाहकार डॉक्टर एमएल गुप्ता सहित अन्य विभागीय अधिकारी शामिल थे।

Rakhi Hajela Desk
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